बरसात का मौसम आते ही हर तरफ हरियाली की चादर बिछ जाती है और प्रकृति अपनी सबसे खूबसूरत शक्ल में नजर आती है। ऐसे में अगर किसी को यूरोप की हसीन वादियों, खासकर स्विट्जरलैंड जैसी जगहों का सपना आता है, तो बजट अक्सर सबसे बड़ी रुकावट बन जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ही कई ऐसे हिल स्टेशन मौजूद हैं, जो मानसून के दौरान किसी विदेशी जन्नत से कम नहीं लगते। यहां की धुंध, पहाड़, झरने और हरियाली देखकर लगता है जैसे आप किसी पोस्टकार्ड जैसी दुनिया में आ गए हों।
मानसून में सबसे पहले नाम आता है केरल के मुन्नार का। चाय के बागानों से ढकी पहाड़ियां, ठंडी हवा और बादलों से घिरी घाटियां इसे स्वर्ग जैसा बना देती हैं। बारिश के समय यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। हर मोड़ पर आपको झरने और हरियाली का नया नजारा देखने को मिलता है। इसके बाद कर्नाटक का कूर्ग (कोडागु) भी किसी यूरोपीय गांव से कम नहीं लगता। कॉफी के बागान, घने जंगल और हल्की बारिश इसे बेहद रोमांटिक और शांत बना देते हैं। कपल्स और नेचर लवर्स के लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं है।
बारिश में बदल जाता है भारत का ये हिल स्टेशन स्वर्ग ?
महाराष्ट्र का लोनावला मानसून के समय बेहद मशहूर हो जाता है। मुंबई और पुणे के करीब होने के कारण यह जगह वीकेंड ट्रिप के लिए परफेक्ट है। यहां के झरने, बादलों से ढकी पहाड़ियां और ठंडी हवा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है। भुशी डैम और टाइगर पॉइंट जैसे स्थान इस मौसम में अपनी असली खूबसूरती दिखाते हैं। मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग को तो “पूर्व का स्कॉटलैंड” कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां के झरने, ग्रीन वैली और साफ हवा इसे यूरोप जैसा लुक देते हैं। उमियम लेक और एलिफेंट फॉल्स इस जगह की शान हैं, जो मानसून में और भी शानदार लगते हैं।
उत्तराखंड का मसूरी भी मानसून में किसी जन्नत से कम नहीं लगता। “क्वीन ऑफ हिल्स” के नाम से मशहूर यह जगह बादलों के बीच बसी हुई प्रतीत होती है। यहां की मॉल रोड, केम्पटी फॉल्स और आसपास की घाटियां बारिश में बेहद आकर्षक हो जाती हैं। अगर आप कम बजट में विदेश जैसा अनुभव लेना चाहते हैं, तो ये हिल स्टेशन आपके लिए परफेक्ट हैं। यहां का मौसम, प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण आपको रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर एक नई दुनिया में ले जाता है। मानसून में इन जगहों की यात्रा न सिर्फ मन को सुकून देती है, बल्कि जिंदगी भर याद रहने वाला अनुभव भी बन जाती है।






