चौथा अक्षर संवाददाता/ रायबरेली
क्या रायबरेली की राजनीति में इस बार कोई नई तस्वीर बनने वाली है? जो पीड़ित हैं वह पीडीए हैं, जो दुखी हैं वो पीडीए हैं, जिसका अपमान हो रहा है, वह पीडीए है,”पीडीए के लोग संविधान को बचाने के लिए खड़े हैं” -अखिलेश यादव


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज पीडीए रथ पर सवार होकर 2027 की विधान सभा का चुनावी आगाज कर दिया । वैसे तो देखा जाय तो यह रथ यात्रा न सिर्फ हालिया विवाद का जवाब है, बल्कि पीडीए फॉर्मूले के तहत चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत भी मानी जा रही है। 17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच जागरूकता अभियान के दौरान हुए विवाद से शुरू हुआ। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस और जिला प्रशासन के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी और बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया। राहुल लोधी ने दावा किया कि पुलिस कार्यालय के अंदर उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।
रायबरेली के जीआईसी ग्राउंड में सभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार जनता समझ चुकी है कि सच्चाई क्या है, जिस रथ से चलकर हम आए हैं, वह रथ हमारी संस्कृति में कुरुक्षेत्र का प्रतीक है। रथ महाभारत का भी प्रतीक है। इस तरह के रथ पर कभी भगवान ने भी गीता का संदेश दिया था। आज उसी रथ के माध्यम से हमें सीख मिल रही है। जो पीड़ित हैं वह पीडीए हैं। जो दुखी हैं वो पीडीए हैं, जिसका अपमान हो रहा है, वह पीडीए है।
उन्होंने कहा कि इस बार लाइन एकदम खिंच गई है। एक तरफ पीड़ित लोग हैं दूसरी तरफ प्रताड़ना देना वाले लोग हैं। प्रताड़ना देने वाले लोग बचने वाले नहीं है। 24 में हराया है और 27 में इनका सफाया कर देंगे। यह लोग समझ रहे हैं कि पीड़ा खत्म हो गई है। इनकी हम लोगों से हजारों साल पुारनी लड़ाई है। इन्होंने खाई पैदा की है। इनको न केवल हराएंगे बल्कि समाज में भेदभाव को खत्म करेंगे। यह वे लोग है जो मंदिर को गंगा जल से धुलवाते हैं जब पीडीए समाज से कोई मंदिर जाता है। ये वे लोग हैं जब कुर्सी पर बैठ जाते हैं तो अपमान करने का काम करते हैं। इस बार पीडीए के लोगों ने अपनी ताकत और गिनती का अहसास करा दिया है। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने एक दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे । उनके स्वागत के लिए सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। रायबरेली में पिछले ढाई घंटे से लगातार बारिश हो रही है। इसके बावजूद सपा कार्यकर्ता जीआईसी ग्राउंड में डटे हुए हैं और अखिलेश यादव के स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। रायबरेली के जीआईसी मैदान में कार्यक्रम के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के मंच पर पहुंचते ही उन्होंने हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के पिता शिव गणेश लोधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में बछरावां विधायक श्यामसुंदर भारतीय, हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी, सपा जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव अखिलेश माही और सपा प्रदेश सचिव डॉ. शशिकांत शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी कार्यक्रम में पहुंचे।
सपा विधायक राहुल लोधी ने कहा कि भाजपा और रायबरेली के माफिया व मंत्रियों ने हर समाज के साथ गुंडई का माहौल बना दिया है। लोधी, पासी समेत कई समाजों के लोगों पर लाठीचार्ज हुआ। प्रशासन चाहता तो बातचीत से मामला सुलझ सकता था, लेकिन उसने सत्ता पक्ष के दबाव में काम किया। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों की जानकारी अखिलेश यादव को दी गई है और वह इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे। पीडीए को लेकर विधायक ने कहा कि अखिलेश यादव का उनके घर आना इस बात का संकेत है कि पार्टी जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जनता अब जाग चुकी है और मंत्री, भू-माफिया समेत ताकतवर लोगों को वोट के जरिए जवाब देगी
अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए गोंडा और वाराणसी की घटनाओं का जिक्र किया। गोंडा में सहनी समाज के एक युवक की सोशल मीडिया पर लिखने के कारण पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उसके परिवार को अभी न्याय नहीं मिला है।
अखिलेश ने वाराणसी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि न्याय मांगने पर एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जिन लोगों ने उसकी जान ली, उनके घरों पर बुलडोजर नहीं चलाया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि ये लोग अपने सजातीय लोगों पर बुलडोजर नहीं चलाते हैं। सरकार कार्रवाई में भेदभाव करती है।
इस बार जनता के वोट का बुलडोजर इनके ऊपर चलने वाला है। यह वोट का बुलडोजर इन्हें हमेशा-हमेशा के लिए ढहा देगा। न केवल हराएगा, बल्कि ऐसी नकारात्मक राजनीति करने वालों को हमेशा-हमेशा के लिए मिटाने का काम करेंगे।
यह जो प्रभुत्ववादी लोग हैं, जो अपने आप को ताकतवर समझ रहे हैं, जो वर्चस्ववादी लोग हैं, उनसे कोई लड़ाई अभी की नहीं है। हजारों साल पुरानी है। हम निर्बल और कमजोर लोगों के साथ हैं। हम आरक्षण को बचाने के लिए खड़े हैं। हम हिंदुस्तानियत को बचाने के लिए खड़े हैं। ये लोग संविधान, कानून को नहीं मानते। भाजपा वाले नकली हिंदू हैं।
इससे पहले अखिलेश कार से लखनऊ के निगोहा पहुंचे। वहां से रथ पर सवार होकर 50 किमी दूर रायबरेली के GIC मैदान जनसभा की। अखिलेश के स्वागत के लिए पहली बार उनकी रैली में 2 क्रेन मंगाई गईं। इससे 21 किलो की माला पहनाई गई।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब वोट पड़ेगा तो चाहे कितनी भी ताकत लगा लें, ये पीडीए के लोग मिलकर हराने का काम करेंगे। पीडीए के लोग न केवल निर्बल व कमजोर के साथ खड़े हैं बल्कि संविधान बचाने के लिए खड़े हैं। पीडीए के लोग आरक्षण को बचाने और लोकतंत्र को बचाने के लिए खड़े हैं। देश की संस्कृति और हिन्दु्स्तान को बचाने के लिए खडे़ हैं। ये लोग संविधान और कानून नहीं मानते। कोई एक उदाहरण नहीं है, बल्कि कई उदाहरण हैं।
पीडीए रथ भारतीय संस्कृति में कुरुक्षेत्र का प्रतीक रहा है। भगवान कृष्ण ने भी रथ के माध्यम से गीता का ज्ञान दिया था। इसी रथ के माध्यम से ऐलान करता हूं कि जो पीड़ित हैं, वही पीडीए हैं। इस बार के चुनाव में परेशान करने वाले और लोगों को प्रताड़ित करने वाले बचने वाले नहीं हैं। 2024 में हराया था, अब 2027 में फिर हराएंगे। इस बार उन्हें और दूर भगाया जाएगा और समाज में भेदभाव को दूर करने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में करोड़ों आस्थावान लोग श्रद्धा से चढ़ावा चढ़ाते हैं। वहां चोरी के मामले सामने आए हैं। सीसीटीवी में भी चोरी करने वाले पकड़े गए हैं।चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि इनका पूरा का पूरा भेद खुल गया और कठपुतली बन करके काम कर रहे हैं। इतना घटिया काम कभी लोकतंत्र में नहीं हुआ होगा, जो इस चुनाव आयोग ने किया है। यह जांच होनी चाहिए कि चुनाव आयोग किसके इशारे पर काम कर रहा था। देश की जनता को यह जानने का अधिकार है।
एक्सप्रेस-वे में भ्रष्टाचार पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ये (भाजपावाले) कहते हैं कि भ्रष्टाचार पहले था। मैं कहना चाहता हूं कि जब भी मां गंगा बुलाएं तो गंगा एक्सप्रेस-वे पर मत जाना। रफ्तार से चलोगे तो कूदते हुए जाओगे।
कानपुर में 63 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे 4,700 करोड़ रुपए में बनाया गया। उद्घाटन के बाद ही उसमें गड्ढे हो गए और सड़क टूट गई। जिन्होंने इसे बनाया, वे बीजेपी के लोग निकले। कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। अगर उस पर तेज चलोगे तो कमर टूट जाएगी और पेट में दर्द हो जाएगा।
रास्ते में उन्होंने हनुमान मंदिर में दर्शन किया। गदा लहराई। रथ के साथ-साथ करीब 2-3 हजार से कार्यकर्ता मौजूद रहे। 200 गाड़ियां भी साथ चलीं। कार्यकर्ता DJ पर डांस और नारेबाजी करते हुए रथ के साथ चले। रथ यात्रा के चलते लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर जाम लग गया। इसमें योगी सरकार में मंत्री दिनेश सिंह का काफिला फंस गया।
इधर, रथयात्रा से पहले रायबरेली में अखिलेश के खिलाफ पोस्टर लगाए। इनमें अखिलेश के साथ आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें छपी हैं। लिखा है- ‘अखिलेश यादव वापस जाओ’, ‘अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश’।
अखिलेश यादव ने कहा, “समाजवादी पार्टी के नेता से घबराकर उसे झूठा फंसा दिया है। गाजीपुर में एक विश्वकर्मा बेटी के साथ क्या घटना हुई, उसकी जान ले ली। जब हम न्याय मांगने गए तो सपा के लोगों पर मुकदमा लगा दिया।”

उन्होंने कहा, “सपा के लोग और विश्वकर्मा समाज के लोग घबराएं नहीं। अभी नहीं तो जब भी मौका मिलेगा, सपा के लोग लोधी, पासी या विश्वकर्मा समाज को न्याय दिलाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा ”एक तरफ पीड़ित हैं और दूसरी तरफ उन्हें प्रताड़ित करने वाले लोग हैं। ये समाज को बांटते हैं और भेदभाव करते हैं। ये लोग गंगाजल से घर और मंदिर धुलवाते हैं। अगर PDA के लोग वहां जाते हैं तो उनके साथ भेदभाव किया जाता है। PDA के लोग संविधान को बचाने के लिए खड़े हैं। कानून और लोकतंत्र को बचाने के लिए खड़े हैं।
अखिलेश यादव बछरावां के चुरुआ से पीडीए रथ पर सवार होकर रायबरेली शहर की ओर रवाना हुए। इसके बाद उन्होंने हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के घर पर कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं से मुलाकात की। अखिलेश यादव के आगमन से सपा कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह दिखा। कोटरा बहादुरगंज से आए लोगों ने भी कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। रथ यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारे लगाए और अपने नेता का स्वागत किया। सपा ने बताया कि पीडीए रथ यात्रा का मकसद पार्टी संगठन को सक्रिय करना और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करना है। रायबरेली में अखिलेश यादव के कार्यक्रम के लिए सुबह से ही कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही।
रायबरेली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दौरे से पहले पोस्टर वार शुरू हो गया है। शहर में कई जगह ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें अखिलेश यादव के साथ आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें दिखाई गई हैं। पोस्टरों पर सपा प्रमुख को लेकर कई आपत्तिजनक स्लोगन भी लिखे गए हैं। पोस्टरों पर लिखा है, ‘आजम खान, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी यही चलाते थे सरकार’। इसके अलावा ‘अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश’ जैसे नारे भी लिखे गए हैं। पोस्टर में अखिलेश यादव को ‘माफिया’ के रूप में भी दर्शाया गया है। ये पोस्टर अखिलेश यादव के 24 सितंबर को रायबरेली पहुंचने से पहले लगाए गए हैं। अखिलेश यादव यहां पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत करने वाले हैं। उनके दौरे को लेकर सपा कार्यकर्ताओं की ओर से भी शहर में तैयारियां की गई हैं। पोस्टर सामने आने के बाद रायबरेली में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। हालांकि, इन पोस्टरों को किसने लगवाया है, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी हाल के दिनों में अखिलेश यादव के खिलाफ इसी तरह के पोस्टर लगाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज मेरे घर से निकलते ही रंग बदलने वालों ने पोस्टर लगवा दिए थे। इस धरती पर सबसे पहले रंग बदलने वाले प्रशासन के लोग होते हैं। इनका कानून-नियम से कोई लेना-देना नहीं है। जिन्होंने कानून का पालन नहीं किया है, मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि सरकार बनते ही उन्हें सजा मिलेगी।

यह पीडीए रथ पहली बार मैदान में उतर रहा है। लाल रंग की इस हाईटेक बस पर ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ लिखा है। बस पर डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित कई समाज सुधारकों की तस्वीरें लगी हैं और नारे लिखे हैं– ‘सामाजिक न्याय का परचम लहराएगा, पीडीए ही परिवर्तन लाएगा’। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह रथ 2027 के चुनाव में पूरे प्रदेश में घूमेगा। रायबरेली से इसकी शुरुआत इसलिए भी खास है क्योंकि यहां लोधी और पासी समाज का अच्छा खासा प्रभाव है। राहुल लोधी लोधी समाज से हैं जबकि श्याम सुंदर भारती पासी समाज के नेता हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अखिलेश यादव अवध क्षेत्र में इन दोनों समुदायों को साधने की कोशिश कर रहे हैं।






