Bareilly Railway Junction: उत्तर प्रदेश के बरेली और आसपास के रेल यात्रियों के लिए आने वाले समय में रेलवे से जुड़ी एक बड़ी परियोजना देखने को मिल सकती है। सीतापुर से गाजियाबाद के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की योजना को लेकर सर्वे का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना के तहत बरेली के पास रामगंगा क्षेत्र में एक नए रेलवे जंक्शन के लिए संभावित स्थान की तलाश की जा रही है।
इस प्रस्तावित रेल परियोजना का उद्देश्य मौजूदा रेल नेटवर्क पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करना और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुचारु बनाना है। नई रेल लाइन बनने के बाद मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध हो सकेगा।
रामगंगा के पास नए जंक्शन की तैयारी ?
प्रस्तावित नए जंक्शन के लिए रामगंगा के आसपास जमीन की संभावनाएं देखी जा रही हैं। सर्वे के दौरान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, मौजूदा रेलवे ट्रैक, जमीन की उपलब्धता और भविष्य में रेल यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।
नया जंक्शन बनने की स्थिति में ट्रेनों को मौजूदा बरेली जंक्शन और आसपास के कुछ स्टेशनों से होकर गुजरने की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग रूट में बांटने में मदद मिल सकती है।
बरेली जंक्शन समेत तीन स्टेशन हो सकते हैं बाइपास ?
प्रस्तावित योजना की एक अहम बात यह है कि नई रेल लाइन और जंक्शन के निर्माण से बरेली जंक्शन सहित तीन पुराने स्टेशन बाइपास हो सकते हैं। इसका सीधा असर रेल यातायात के प्रबंधन पर पड़ने की उम्मीद है।
वर्तमान में बरेली क्षेत्र महत्वपूर्ण रेल मार्गों के कारण काफी व्यस्त रहता है। नई लाइन उपलब्ध होने पर ट्रेनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार हो सकता है। इससे मुख्य स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और संचालन का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
तीसरी-चौथी लाइन से बढ़ेगी रेल क्षमता ?
सीतापुर से गाजियाबाद तक तीसरी और चौथी रेलवे लाइन का प्रस्ताव लंबे समय में इस रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। अतिरिक्त ट्रैक होने से एक ही मार्ग पर अधिक संख्या में ट्रेनों के संचालन की संभावना बढ़ती है। इसके अलावा, मालगाड़ियों के लिए अलग संचालन व्यवस्था तैयार करने में भी मदद मिल सकती है। इससे यात्री ट्रेनों के समय और संचालन में सुधार की संभावना बनती है।
अभी सर्वे के बाद तय होगी तस्वीर ?
फिलहाल परियोजना को लेकर सर्वे और संभावित स्थानों का अध्ययन किया जा रहा है। नए जंक्शन की अंतिम लोकेशन, निर्माण की समयसीमा और बाइपास होने वाले स्टेशनों से जुड़ी विस्तृत जानकारी आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।
यदि प्रस्तावित योजना को मंजूरी मिलती है और निर्माण कार्य आगे बढ़ता है, तो बरेली के रेल नेटवर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नया जंक्शन और अतिरिक्त रेलवे लाइन भविष्य में बढ़ते यात्री एवं माल यातायात को संभालने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।






