भारत दूरसंचार और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत ने पिछले एक दशक में अपने ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 6 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ तक पहुंचा दी है। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत आने वाले समय में 6G तकनीक के विकास और वैश्विक मानक तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के दसवें संस्करण को संबोधित करते हुए सिंधिया ने दूरसंचार क्षेत्र में हुए बदलावों और भविष्य की तकनीकों को लेकर भारत की योजनाओं पर बात की।
भारत में मोबाइल डेटा हुआ सस्ता ?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है, जहां मोबाइल इंटरनेट डेटा अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध है। उनके अनुसार, देश में एक जीबी मोबाइल डेटा की औसत कीमत लगभग 8 रुपये है। सस्ती इंटरनेट सेवाओं ने आम लोगों के लिए डिजिटल सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मोबाइल इंटरनेट के विस्तार से ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स और इंटरनेट आधारित सेवाओं का इस्तेमाल भी बढ़ा है।
डिजिटल कनेक्टिविटी से बदल रही अर्थव्यवस्था ?
सिंधिया के मुताबिक, डिजिटल कनेक्टिविटी अब केवल संचार का साधन नहीं रह गई है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। इंटरनेट की बेहतर पहुंच से लोगों को जानकारी हासिल करने, नए विचार विकसित करने और डिजिटल माध्यमों से कारोबार बढ़ाने के अवसर मिले हैं। ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार सरकारी सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
4G से 5G और अब 6G पर भारत की नजर ?
भारत की दूरसंचार यात्रा का उल्लेख करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश अब केवल दूसरे देशों की तकनीकों को अपनाने तक सीमित नहीं रहना चाहता। भारत का लक्ष्य भविष्य की दूरसंचार तकनीकों के विकास और वैश्विक मानकों के निर्माण में भी योगदान देना है।
उन्होंने कहा, हम 4G में पीछे थे, 5G में दुनिया के साथ हैं और 6G में नेतृत्व करेंगे।
6G तकनीक को अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क के रूप में देखा जा रहा है। इसके विकास से भविष्य में अधिक तेज डेटा ट्रांसफर, कम विलंबता और उन्नत डिजिटल सेवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, 6G में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, मानकीकरण और नेटवर्क के व्यावसायिक विस्तार पर निर्भर करेगा।
पिछले दस वर्षों की उपलब्धियों का किया जिक् ?
सिंधिया ने दूरसंचार और डिजिटल क्षेत्र में पिछले दस वर्षों के बदलावों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में प्रस्तुत दृष्टिकोण को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे भारत का निर्माण करना रहा है, जो डिजिटल रूप से जुड़ा होने के साथ-साथ तकनीक के विकास और डिजाइन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उनके अनुसार, देश में कनेक्टिविटी के विस्तार और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग ने भारत की तकनीकी क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए आधार तैयार किया है।
प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख ?
केंद्रीय मंत्री ने 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने “कार्य ही पूजा है” की भावना के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। सिंधिया ने इस अवसर पर दूरसंचार और डिजिटल क्षेत्र में हुई प्रगति को भी रेखांकित किया।
यशोभूमि में आयोजित हो रहा इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 ?
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनका स्वागत किया। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में किया जा रहा है। इसका संयुक्त आयोजन दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) कर रहे हैं। इस आयोजन में दूरसंचार, मोबाइल तकनीक और डिजिटल नवाचार से जुड़े विषयों पर चर्चा हो रही है। भारत के लिए 6G तकनीक का विकास आने वाले वर्षों में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य होगा, जिसके जरिए देश वैश्विक दूरसंचार मानकों और अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश करेगा।






