भारतीय टीम का आयरलैंड दौरा उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टीम इंडिया को दो मैचों की सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को शुरुआती दोनों मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने को लेकर हुई। कई प्रशंसकों ने टीम प्रबंधन और मुख्य कोच गौतम गंभीर के फैसले पर सवाल उठाए। हालांकि, किसी भी चयन निर्णय का मूल्यांकन केवल भावनाओं के आधार पर नहीं किया जा सकता। इसके पीछे टीम संयोजन, परिस्थितियां और खिलाड़ियों की भूमिका जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू भी होते हैं।
वैभव सूर्यवंशी बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट तथा जूनियर स्तर पर अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर पूरी तरह अलग होता है। यहां हर खिलाड़ी को सही समय और सही परिस्थितियों में मौका देना टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है। केवल लोकप्रियता या फैंस की मांग के आधार पर किसी खिलाड़ी को अंतिम एकादश में शामिल करना हमेशा सही रणनीति नहीं मानी जाती।
टीम संयोजन और रणनीति भी होती है अहम ?
हर मैच के लिए टीम प्रबंधन विपक्षी टीम, पिच की स्थिति और मैच की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लेइंग XI तैयार करता है। संभव है कि आयरलैंड के खिलाफ शुरुआती दोनों मुकाबलों में टीम ने अनुभव और संतुलन को प्राथमिकता दी हो। यदि किसी खिलाड़ी को बाहर रखा जाता है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसकी प्रतिभा पर सवाल उठाया जा रहा है। कई बार युवा खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम का माहौल समझने, वरिष्ठ खिलाड़ियों से सीखने और अंतरराष्ट्रीय दबाव को करीब से महसूस करने का भी समय दिया जाता है। क्रिकेट इतिहास में कई बड़े खिलाड़ियों को भी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। सही समय पर मिला मौका ही उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बना। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के मामले में भी धैर्य रखना जरूरी है।
गौतम गंभीर अपनी स्पष्ट सोच और टीम-फर्स्ट रणनीति के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में चयन का आधार केवल वर्तमान जरूरत और प्रदर्शन होता है। यदि टीम प्रबंधन को लगता है कि किसी खिलाड़ी को अभी थोड़ा और समय देना बेहतर रहेगा, तो यह फैसला लंबे समय की योजना का हिस्सा भी हो सकता है। युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखते हुए उन्हें धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करना किसी भी सफल टीम की पहचान होती है। बेशक, आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में टीम इंडिया को हार मिली और चयन को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। लेकिन किसी एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी को हार की अकेली वजह मानना उचित नहीं होगा। क्रिकेट एक टीम खेल है, जहां जीत और हार की जिम्मेदारी पूरे दल की होती है। वैभव सूर्यवंशी का भविष्य अभी लंबा है और उनकी प्रतिभा को देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में उन्हें भारत के लिए खेलने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। फिलहाल टीम प्रबंधन के फैसले का मूल्यांकन भावनाओं के बजाय क्रिकेटिंग दृष्टिकोण से करना अधिक संतुलित और उचित माना जा सकता है।






