फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में फुटबॉल प्रशंसकों को कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। टूर्नामेंट के दूसरे दिन सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी का सफर अप्रत्याशित रूप से समाप्त हो गया। दूसरी ओर, पांच बार की चैंपियन ब्राजील ने जापान जैसी मजबूत टीम को कड़े संघर्ष के बाद हराकर अगले दौर में प्रवेश कर लिया। इन मुकाबलों ने साबित कर दिया कि इस बार विश्व कप में कोई भी टीम सुरक्षित नहीं है और हर मैच में परिणाम बदलने की पूरी संभावना है।
जर्मनी की विदाई ने सभी को चौंकाया ?
जर्मनी और पराग्वे के बीच खेला गया मुकाबला शुरुआत से ही बेहद संतुलित रहा। दोनों टीमों ने आक्रामक और अनुशासित फुटबॉल का प्रदर्शन किया, जिसके चलते निर्धारित समय में मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। अतिरिक्त समय में भी कोई टीम निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकी, जिसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। दबाव की इस परीक्षा में पराग्वे ने शानदार संयम दिखाया और 4-3 से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। वहीं जर्मनी की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई, जिससे उसके खिलाड़ियों और समर्थकों को बड़ा झटका लगा।
ब्राजील और जापान के बीच मुकाबला भी किसी फाइनल से कम नहीं था। जापान ने शुरुआत से ही तेज खेल दिखाते हुए ब्राजील की मजबूत रक्षा पंक्ति को लगातार चुनौती दी। हालांकि ब्राजील के अनुभवी खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों का फायदा उठाया और 2-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। जापान ने अंतिम मिनट तक वापसी की पूरी कोशिश की, लेकिन ब्राजील ने संयम बनाए रखते हुए अपनी बढ़त बचा ली। इस जीत के साथ ब्राजील ने राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली और खिताब की दौड़ में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी।
इन दोनों मुकाबलों ने यह संकेत दे दिया है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हर मैच बेहद प्रतिस्पर्धी होने वाला है। पारंपरिक दिग्गज टीमों को अब छोटे देशों से भी कड़ी चुनौती मिल रही है। पराग्वे की ऐतिहासिक जीत और ब्राजील की संघर्षपूर्ण सफलता ने टूर्नामेंट को और अधिक रोमांचक बना दिया है। अब सभी की नजरें राउंड ऑफ 16 के मुकाबलों पर हैं, जहां हर जीत किसी टीम को विश्व चैंपियन बनने की दिशा में एक कदम और आगे ले जाएगी।






