श्याम लाल शर्मा/ चौथा अक्षर/नई दिल्ली/छायाकार – आशीष कार/ आर बी यादव
इस बार मोदी जी छात्रों और युवाओं को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को भटकाने से चूक गए. कल काकरोच पार्टी द्वारा आयोजित संसद मार्च में हजारों छात्रों और युवाओं ने जिस तरह पुलिस के लाठी डंडे खाते, अपने हाथ, पैर, सिर तुड़वाते, लहूलुहान होते , एक्सपायरी डेट के आँसू गैस के धुएँ से अपनी आँखों को मसलते आँसू बहाते संसद के दरवाज़े पर अपनी दस्तक दे दी थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद भवन से सुरक्षा घेरे में बाहर निकलना पड़ा था, उस झटके से मोदी जी पहली बार दहशत में आ गए. आज प्रधानमंत्री के चेहरे पर हवाइयाँ नजर आ रही थीं. अभी वे इस घटना से उबर भी नहीं पाए थे कि अचानक लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तमाम कांग्रेसी नेता लोक कल्याण मार्ग पर पीएम मोदी के आवास के सामने धरने पर बैठ गए इसके बाद अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले समेत अन्य विपक्षी नेता भी इस धरने में शामिल हुए। इस धरने ने कल की घटना में घी डालने का काम किया. हालांकि, बाद में पुलिस ने धरना दे रहे सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया।


कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर मंगलवार को 32वें दिन भी प्रदर्शन जारी है। इस बीच कांग्रेस भी धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम आवास के सामने धरना दे दिया. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तमाम कांग्रेसी नेता प्रधानमंत्री आवास के सामने नारेबाजी करने लगे और धर्मेंद्र प्रधान समेत प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा मांगने लगे. नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद संभवत: ये पहला मौक़ा है जब पीएम आवास के बाहर इस तरह धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा -मोदी जी, हर ज़ोर आज़मा लो, सारी ताकत लगा लो – छात्रों के इंसाफ की ये लड़ाई अब रोके न रुकेगी।

राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं – इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए – तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद हैं और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं। यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम ही नहीं कर रही , उन पर टूट पड़ी है उनको लहूलुहान कर दिया है। वे अस्पताल में भर्ती हैं , देश का छात्र कह रहा है “हमारा कोई भविष्य नहीं।” और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं – “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।” जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए ,वहां न्याय है ही नहीं।





प्रधानमंत्री आवास पर राहुल गांधी के धरना देते ही पुलिस महकमे मे हंगामा मच गया, पुलिस राहुल गांधी को हाथ लगाने पर हिचक रही थी, बताया जाता है तभी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पास एक फ़ोन आता है और कहा जाता है कि राहुल गांधी को उठा कर ले जाइए, घसीट कर ले जाइए, लेकिन उनको जल्दी बस के अंदर डालिए.पुलिस जब राहुल गांधी को बस में ठूँस रही थी उनकी नाक से ख़ून निकल रहा था घुटने चोटिल थे पुलिस उन्हें टांग कर बस में ठूँस दिया.

अब आप अंदाज़ लगाइए कि जब नेता विपक्ष राहुल गांधी को घसीट कर बस में डाला जाता है, प्रियंका गांधी के साथ बदसलूकी की जाती है, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को उठा कर बस में ठूँस दिया जाता है, तो उन छात्रों युवकों की क्या हालत की गई होगी. राहुल गांधी प्रधानमंत्री को यही तो कहने गए थे कि नीट परीक्षा में जो धांधली हो रही है छात्रों की यही तो माँग थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाइए और आपकी पुलिस ने उनको मार मार कर लहू लुहान कर दिया.
राहुल ने कांग्रेस नेताओं से कहा छात्रों की ज़िन्दगी से हुए खिलवाड़ और उनपर बरसी एक-एक लाठी का हिसाब होगा – इंसाफ होगा, यहीं होगा! प्रधानमंत्री आवास पर हम डट कर खड़े हैं – छात्रों के समर्थन में उठने वाली हर आवाज़, आओ, इस धरने में शामिल हो।मोदी सरकार जंतर-मंतर के मोर्चे पर अभी हांफ ही रही थी कि राहुल गांधी ने लोककल्याण मार्ग पर मौजूद मोदी जी के आवास के सामने एक नया मोर्चा खोल दिया. जब प्रधानमंत्री आवास के सामने नेता प्रतिपक्ष अपनी टीम के साथ धरने पर बैठ जाए तो समझिए कि बात बहुत आगे बढ़ चुकी है. पहले की सरकारें बातचीत में विश्वास रखती थीं लेकिन मोदी सरकार में कोई भी उनसे सवाल नहीं कर सकता है और कांग्रेस तो अब मोदी के घर में घुसकर जवाब मांग रही है.
इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह यहां पहुंचे और उन्होंने राहुल गांधी से बातचीत की। हालांकि, बाद में पुलिस ने धरना दे रहे सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया। पहले धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगा जा रहा था. अब बात मोदी और शाह के इस्तीफे तक पहुंच चुकी है. और प्रधानमंत्री को जवाब देना ही होगा.
सरकार को लग रहा था कि 20 जुलाई का आंदोलन मैनेज हो गया है मगर कांग्रेस के सांसदों ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरने पर बैठ कर फिर से इस आंदोलन में जान डाल दी है। राहुल गांधी ने लोगों से अपील की है वे भी लोक कल्याण मार्ग पहुंचे और धरने में शामिल हों। राहुल के इस कदम ने छात्रों के मुद्दे को अलग ही मोड़ दे दिया है।






