प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए EPFO की Employees’ Pension Scheme (EPS-95) रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का एक महत्वपूर्ण साधन हो सकती है। लेकिन पेंशन कितनी मिलेगी, यह केवल वर्तमान बेसिक सैलरी देखकर तय नहीं होती। इसमें पेंशन योग्य सेवा अवधि और पिछले 60 महीनों की औसत पेंशन योग्य सैलरी अहम भूमिका निभाती है। EPFO के अनुसार, सामान्य तौर पर मासिक पेंशन की गणना पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा ÷ 70 के आधार पर की जाती है।
₹25,000 बेसिक और 25 साल की नौकरी पर कितना हिसाब?
मान लीजिए किसी कर्मचारी की नौकरी 25 साल की है और उसकी अंतिम अवधि में बेसिक सैलरी ₹25,000 है। पहली नजर में फॉर्मूले में ₹25,000 रखकर गणना करना सही लग सकता है, लेकिन EPS में सामान्य पेंशन योग्य वेतन की सीमा ₹15,000 प्रति माह है। इसलिए केवल ₹25,000 बेसिक होने का मतलब यह नहीं है कि पूरी ₹25,000 राशि पेंशन की गणना में इस्तेमाल होगी।
यदि उदाहरण के तौर पर ₹15,000 की पेंशन योग्य सैलरी और 25 साल की सेवा मानें, तो गणना होगी:
₹15,000 × 25 ÷ 70 = लगभग ₹5,357 प्रति माह।
यानी सामान्य वेतन सीमा के तहत 25 साल की पेंशन योग्य सेवा पर अनुमानित मासिक पेंशन करीब ₹5,357 बन सकती है। वास्तविक पेंशन कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड, योगदान अवधि और लागू EPS नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। EPS के तहत मासिक सुपरएनुएशन पेंशन पाने के लिए सामान्य तौर पर कम से कम 10 साल की पात्र सेवा जरूरी है और सामान्य सुपरएनुएशन पेंशन 58 वर्ष की उम्र पर मिलती है। 50 वर्ष के बाद कुछ शर्तों के साथ कम राशि वाली अर्ली पेंशन का विकल्प भी उपलब्ध है। EPFO के अनुसार, 58 वर्ष से पहले अर्ली पेंशन लेने पर हर कम हुए वर्ष के लिए 4% की दर से कमी लागू होती है।
₹25,000 सैलरी वाले कर्मचारी को एक जरूरी बात समझनी चाहिए
अगर किसी कर्मचारी की वास्तविक बेसिक सैलरी ₹25,000 है, तो EPS की गणना सामान्यतः पूरी ₹25,000 पर नहीं होगी, क्योंकि पेंशन योग्य वेतन की निर्धारित सीमा ₹15,000 है। हालांकि, कुछ पुराने सदस्य जिन्होंने नियमों के तहत अधिक वेतन पर EPS योगदान जारी रखने का विकल्प लिया था, उनके लिए अलग प्रावधान हो सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में केवल सामान्य फॉर्मूला लगाकर अंतिम पेंशन तय करना उचित नहीं है।
घर बैठे कैसे समझें अपनी संभावित पेंशन?
कर्मचारी अपने EPFO रिकॉर्ड और पासबुक से योगदान तथा सेवा संबंधी जानकारी देख सकते हैं। इसके बाद पिछले 60 महीनों की पेंशन योग्य औसत सैलरी और पात्र सेवा अवधि को ध्यान में रखकर अनुमान लगाया जा सकता है। EPFO स्पष्ट करता है कि पेंशन योग्य वेतन की गणना सामान्यतः योगदान वाले पिछले 60 महीनों की औसत सैलरी के आधार पर होती है। इसलिए ₹25,000 बेसिक और 25 साल की नौकरी वाले कर्मचारी के लिए लगभग ₹5,357 मासिक का आंकड़ा एक सामान्य उदाहरण है, अंतिम पेंशन राशि नहीं। अपने EPS रिकॉर्ड, सेवा अवधि और लागू नियमों के आधार पर ही वास्तविक राशि निर्धारित होगी।






