आज के समय में Smart TV सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि इनमें ऐसी डिस्प्ले तकनीक दी जा रही है जो घर पर ही थिएटर जैसा विजुअल अनुभव देने का दावा करती है। OLED, QLED, Mini LED जैसी टेक्नोलॉजी के साथ टीवी की ब्राइटनेस, कंट्रास्ट और कलर रिप्रोडक्शन पहले के मुकाबले काफी बेहतर हुआ है। इसके बावजूद कई यूजर्स को फिल्मों या वेब सीरीज देखते समय रंग जरूरत से ज्यादा चमकीले, फीके या कृत्रिम नजर आते हैं। इसका कारण अक्सर टीवी की डिफॉल्ट पिक्चर सेटिंग्स होती हैं। टीवी खरीदने के बाद बहुत से लोग सीधे वीडियो चलाकर देखने लगते हैं और Picture Mode, Brightness, Contrast तथा Colour Temperature जैसी सेटिंग्स पर ध्यान नहीं देते। अगर आपका टीवी भी तस्वीर में नेचुरल कलर नहीं दिखा रहा है, तो कुछ आसान बदलाव करके आप विजुअल क्वालिटी को काफी बेहतर कर सकते हैं।
सबसे पहले सही Picture Mode चुनें ?
टीवी की पिक्चर क्वालिटी सुधारने के लिए सबसे पहला कदम सही Picture Mode चुनना है। आमतौर पर टीवी में Standard, Dynamic, Vivid, Movie, Cinema, Filmmaker या Professional जैसे विकल्प मिलते हैं। Dynamic या Vivid मोड तस्वीर को ज्यादा चमकीला दिखाता है, लेकिन इससे रंग वास्तविकता से अधिक तेज नजर आ सकते हैं। फिल्मों और वेब सीरीज के लिए Movie, Cinema या Filmmaker Mode बेहतर विकल्प हो सकता है। इन मोड में आमतौर पर कलर और कॉन्ट्रास्ट को अधिक प्राकृतिक तरीके से प्रदर्शित करने की कोशिश की जाती है।
कलर को ज्यादा बढ़ाने से बचें ?
अगर टीवी की तस्वीर में लाल, हरा या नीला रंग जरूरत से ज्यादा तेज दिखाई दे रहा है तो Colour या Saturation लेवल कम करना बेहतर रहेगा। बहुत ज्यादा Saturation तस्वीर को आकर्षक तो बना सकता है, लेकिन त्वचा का रंग और प्राकृतिक वस्तुएं असली से अलग दिख सकती हैं।
शुरुआत में Colour सेटिंग को डिफॉल्ट स्तर पर रखें और जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा बदलाव करें। एकदम से बहुत ज्यादा कमी या बढ़ोतरी करने से बचना चाहिए। Colour Temperature भी नेचुरल पिक्चर के लिए बेहद महत्वपूर्ण सेटिंग है। कई टीवी में Cool, Normal और Warm जैसे विकल्प होते हैं। Cool मोड में तस्वीर थोड़ी नीली दिखाई दे सकती है, जबकि Warm मोड में रंग अपेक्षाकृत प्राकृतिक और सिनेमाई नजर आ सकते हैं।
इसके साथ Brightness को जरूरत से ज्यादा बढ़ाने से ब्लैक एरिया ग्रे दिखाई दे सकता है। दूसरी तरफ बहुत कम Brightness करने पर तस्वीर के डार्क हिस्सों की डिटेल गायब हो सकती है। इसलिए कमरे की रोशनी के हिसाब से Brightness सेट करें। Contrast को भी अधिकतम स्तर पर रखने के बजाय ऐसा लेवल चुनें जिसमें सफेद हिस्सों की डिटेल बरकरार रहे। HDR कंटेंट देखते समय टीवी का HDR मोड अपने आप सक्रिय हो सकता है, इसलिए ऐसे कंटेंट में अलग सेटिंग की जरूरत पड़ सकती है।
Sharpness और Motion Settings पर दें ध्यान ?
Sharpness ज्यादा बढ़ाने से तस्वीर पहली नजर में ज्यादा साफ लग सकती है, लेकिन इससे ऑब्जेक्ट के किनारों पर अनचाही लाइनें या कृत्रिम डिटेल दिखाई दे सकती है। फिल्मों के लिए Sharpness को कम या मध्यम स्तर पर रखना बेहतर रहता है। इसी तरह Motion Smoothing, TruMotion या Motion Clarity जैसे फीचर वीडियो को बहुत ज्यादा स्मूद बना सकते हैं। फिल्मों में इससे कभी-कभी तस्वीर टीवी सीरियल जैसी लगने लगती है। अगर आपको सिनेमाई लुक पसंद है तो Motion Smoothing को कम या बंद करके देख सकते हैं।
हर कंटेंट के लिए एक ही सेटिंग जरूरी नहीं ?
ध्यान रखें कि हर टीवी ब्रांड में सेटिंग्स के नाम और विकल्प अलग हो सकते हैं। इसके अलावा कमरे की रोशनी, स्क्रीन का आकार और देखने की दूरी भी तस्वीर के अनुभव को प्रभावित करती है। इसलिए इंटरनेट पर बताए गए किसी एक नंबर को आंख बंद करके लागू करने के बजाय अपनी स्क्रीन और कमरे के अनुसार छोटे बदलाव करना बेहतर है। अगर आपका Smart TV महंगा होने के बावजूद नेचुरल कलर नहीं दिखा रहा है, तो तुरंत यह न मानें कि डिस्प्ले खराब है। सही Picture Mode, Colour Temperature, Brightness, Contrast, Saturation और Sharpness को संतुलित करके तस्वीर में काफी अंतर लाया जा सकता है। थोड़ी-सी सेटिंग और सही कंटेंट के साथ आपका टीवी पहले से कहीं ज्यादा प्राकृतिक और सिनेमाई पिक्चर क्वालिटी दे सकता है।






