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रायबरेली में दिशा की बैठक में राहुल गांधी ने अफसरों से पूछा – सड़कें बदहाल क्यों हैं ? सरकार फंड दे रही है तो काम क्यों नहीं हो रहा है

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चौथा अक्षर संवाददाता/रायबरेली

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली के सांसद राहुल गांधी अपने दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली  पहुंचे थे और इसी दौरान उन्होंने जिले में आयोजित दिशा की बैठक में हिस्सा लिया और जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों से सवाल किए गए।उन्होंने बदहाल सड़कों की तस्वीरें दिखाकर अफसरों से जवाब मांगा। इसके साथ ही केंद्र पर यूपी से भेदभाव का आरोप लगाया। राहुल ने दावा किया कि केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) के लिए यूपी से भेजे गए सभी प्रस्ताव रद्द कर दिए गए।दिशा की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सांसद राहुल गांधी के दाहिने प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय बैठे थे, जबकि उनकी बाईं ओर अमेठी सांसद केएल शर्मा के बगल उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह बैठे थे।

उल्लेखनीय है कि नामित सदस्य किरन देवी ने सलोन की एक खराब सड़क का मुद्दा रखा तो बीजेपी विधायक अशोक कोरी ने मोबाइल पर फोटो दिखाकर सड़क दुरुस्त होने का दावा किया। इस पर राहुल ने गूगल मैप के जरिए सड़क की बदहाल स्थिति दिखाई। साथ ही अगली बैठक में जिले की सभी सड़कों का विभागवार मैप मुहैया करवाने के निर्देश दिए।

बैठक में राहुल गांधी ने रायबरेली की खराब सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। वे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई सड़कों में गड्ढों की तस्वीरें लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों को तस्वीरें दिखाते हुए सवाल किया कि जिन सड़कों का निर्माण कराया गया है उनमें गड्ढे क्यों हैं और उन्हें ठीक करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि कौन सी सड़क किस कार्यदायी संस्था ने बनाई है और उसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने अधिकारियों से सड़कों की स्थिति को लेकर जवाब मांगा। राहुल गांधी ने कुचरिया-विश्वनाथगंज, भवानीगढ़-बहुधा, डलमऊ-जगतपुर, दरीबा-कठघर, सुल्तानपुर खेड़ा-सहजौरा की फोटो दिखाई। अफसरों ने बताया कि ये सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत दो साल पहले बनी हैं और पांच साल तक मरम्मत के लिए ठेकेदार से एग्रीमेंट होता है। इस पर राहुल ने सवाल उठाया कि योजना ढंग से लागू है तो सड़कें बदहाल क्यों हैं। राहुल गांधी ने यूपी सरकार के मंत्रियों और अफसरों को टूटी सड़कों की हालत दिखाई। उन्होंने डीएम से सवाल किया कि सड़कों की ऐसी हालत क्यों है। सरकार फंड दे रही है तो काम क्यों नहीं हो रहा है। राहुल गांधी ने ग्रामीण लिंक रोड की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए अधिकारियों से पूछा कि आखिर आप लोग क्या कर रहे हैं। राहुल गांधी जिले की खस्ताहाल सड़कों और बदहाली के कई चित्र साथ लेकर आए थे। उन्होंने सभागार में मौजूद अधिकारियों और मंत्रियों से पूछा कि विकास कहां है। यहीं नहीं उन्होंने जिला प्रशासन से कई विकास कार्य पर भी चर्चा की। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष बिना बात किए ही चले गए।

बैठक में राहुल ने केंद्र की ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना की भी जानकारी मांगी। अफसरों ने बताया कि योजना में जिले को 30 लाख मिले हैं। राहुल ने इस पर भी सवाल उठाए। कहा कि योजना का प्रचार बहुत है, लेकिन जमीन पर इंपैक्ट कुछ भी नहीं है। इस पर अफसरों ने बताया कि योजना में प्रचार पर सिर्फ 10 प्रतिशत रकम खर्च करने का प्रावधान है।बताया गया कि योजना की समीक्षा के दौरान राहुल गांधी ने अधिकारी से पूछा कि इस योजना के तहत क्या काम किया जाता है। इसी दौरान दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी से कहा कि इस योजना की जानकारी उन्हें होनी चाहिए। इसके बाद चर्चा योजना के प्रचार प्रसार के लिए निर्धारित बजट पर पहुंच गई। राहुल गांधी ने प्रचार प्रसार के मद में कितना बजट रखा गया है इसकी जानकारी मांगी। मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का ज्यादा ध्यान सरकार की योजनाओं में कमियां तलाशने पर है जबकि उनका जोर इस बात पर होना चाहिए कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचे।

बैठक में मौजूद अधिकारियों ने राहुल गांधी के सवालों का जवाब दिया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिशासी अभियंता ने कहा कि सड़कों में मौजूद गड्ढों को जल्द ठीक कराया जाएगा। राहुल गांधी ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव से जुड़े मुद्दों पर भी अधिकारियों से जवाब तलब किया। इस दौरान बैठक का माहौल काफी गंभीर नजर आया।

रायबरेली में हुई इस बैठक के बाद राहुल गांधी बाहर निकले लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और बिना कुछ कहे वहां से चले गए। दूसरी ओर बैठक का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी की रायबरेली सक्रियता और स्थानीय विकास के मुद्दों को लेकर उनके सवालों ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। वहीं बीजेपी मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों ने इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है।वहीं उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने आवास पहुंच कर मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी सिर्फ पिकनिक मनाने आते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि दिशा बैठक में सरकार की अलगअलग विकास योजनाओं की प्रगति, साथ ही लंबित मामलों और ध्यान देने योग्य मुद्दों पर विस्तृत जानकारी देने की तैयारी की गई है। पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर अब तक की गई कार्रवाई के बारे में विभागवार रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। पिछली दिशा बैठक की अध्यक्षता अमेठी के सांसद किशोरी लाल शर्मा ने की थी।राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले रायबरेली में विकास कार्यों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। लोगों के साथ उनकी बातचीत से उन्हें उन चुनौतियों के बारे में सीधे फीडबैक मिलने की उम्मीद है जिनका सामना वे कर रहे हैं।

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