चौथा अक्षर संवाददाता/ मुंबई
भगवान विश्वकर्मा की महापूजा के अवसर पर मुंबई में विश्वकर्मा समाज की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से 17 सितंबर को धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शहर के अलग अलग क्षेत्रों में पूजा अर्चना, हवन, सामाजिक गोष्ठी, भजन-लोकगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाप्रसाद वितरण की तैयारियां की जा रही हैं।
भारतीय परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को देव शिल्पी माना जाता है और उन्हें शिल्प, वास्तु तथा निर्माण कौशल से जुड़ी परंपराओं का आराध्य देव माना जाता है। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कारीगरों और तकनीकी कार्यों से जुड़े लोग अपने औजारों, उपकरणों और मशीनों की पूजा करते हैं।
विश्वकर्मा समिति मुंबई की ओर से सांताक्रुज (पूर्व) स्थित समिति परिसर में निर्मित विश्वकर्मा मंदिर में पूजा अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि इसके बाद लोकगीत और सामाजिक गोष्ठी का आयोजन होगा ततपश्चात महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। समिति के चेयरमैन सुनील राणा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, शिल्प, वास्तु और निर्माण-कौशल के आराध्य देव हैं। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ समाज की एकता, सद्भाव, सामाजिक समरसता और प्रगति का भी अवसर है।
श्री विश्वकर्मा वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से कांदिवली (पूर्व) के वडार पाड़ा रोड स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में महापूजा का आयोजन किया जाएगा। ट्रस्ट के अध्यक्ष लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक पूजा और हवन के बाद सामाजिक गोष्ठी होगी। इसके बाद शिवम पांडेय, श्रेया यादव और सहयोगी भजन व लोकगीत प्रस्तुत करेंगे।
श्री विश्वकर्मा विकास समिति की ओर से बांगुर नगर, गोरेगांव (पश्चिम) स्थित नवजीवन संस्कार धाम में महापूजा महोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। नवजीवन श्री विश्वकर्मा सेवा समिति की ओर से सांताक्रुज (पूर्व) के वाकोला, धोबी घाट क्षेत्र में पूजा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर नवजीवन समाज मंदिर में कड़ेदीन विश्वकर्मा की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें सदस्यों ने आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा की।
बिहार विश्वकर्मा समाज सेवा संघ, धारावी की ओर से गोल्ड फील्ड कंपाउंड में तीन दिवसीय महापूजा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष सुखदेव शर्मा ने बताया कि 17 सितंबर को मुख्य पूजा, 18 सितंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 19 सितंबर को प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा।
भारतीय श्री विश्वकर्मा कल्याण समाज की ओर से अंधेरी (पूर्व) के निकोलसवाड़ी स्थित इच्छापूर्ति श्री विश्वकर्मा मंदिर में विश्वकर्मा पूजा आयोजित की जाएगी। संस्था के अध्यक्ष रमेश विश्वकर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में समाज के लोगों के साथ कारीगरों और शिल्प से जुड़े लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
श्री विश्वकर्मा कल्याण मंडल, कुर्ला की ओर से मसरानी लेन, हलाव पुल स्थित संस्था परिसर में निर्मित श्री विश्वकर्मा मंदिर में सार्वजनिक विश्वकर्मा पूजा महोत्सव मनाया जाएगा। संस्था के मंत्री डॉ. ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि महोत्सव के तहत काव्य गोष्ठी सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
श्री विश्वकर्मा सेवा संस्था की ओर से भांडुप (पश्चिम) के गांवदेवी रोड स्थित मौर्य हाल में विश्वकर्मा पूजा महोत्सव मनाया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष डॉ. पारसनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि 17 सितंबर को होने वाली पूजा की तैयारियों को लेकर मासिक बैठक में चर्चा की गई। सदस्यों ने आयोजन से संबंधित तैयारियां समय पर पूरी करने पर जोर दिया।
इसके अलावा झारखंड जनकल्याण सेवा संघ की ओर से वडाला (पूर्व) में बरकत अली नाका के पास सार्वजनिक श्री विश्वकर्मा महापूजा आयोजित की जाएगी। श्री विश्वकर्मा प्रगति संस्था की ओर से कांदिवली (पश्चिम) के लालजी पाड़ा और राष्ट्रीय विश्वकर्मा महासंघ की ओर से कांदिवली (पश्चिम) के चारकोप, गणेश नगर में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार विभिन्न स्थानों पर होने वाले इन कार्यक्रमों में समाज के लोगों के अलावा कारीगरों, शिल्पकारों और निर्माण व तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के भाग लेने की संभावना है।






