चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली
सुदूर की किसी तहसील या कस्बे या गांव में नहीं, देश की राजधानी में राष्ट्रीय ख्याति के एक मणिपुरी 54 वर्षीय संगीतकार सी. विक्रम सिंह को पीट-पीटकर हत्या कर दी ! घटना रविवार रात सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र के किलोकरी गांव की है. अस्वस्थ चल रहे संगीतकार ने दिल्ली के किलोकरी इलाके स्थित अपने निवास के बाहर कुछ युवाओं के शोर मचाने पर आपत्ति की. यह बात 11:30 बजे रात की है! उन्होंने कहा कि प्लीज, शोर बंद करिये, नींद नहीं आ रही है. बस इसी के चलते मणिपुर के इस कलाकार की दिल्ली स्थित उनके बेटे के निवास के पास शोर मचाने वाले उन्हीं युवाओं द्वारा हत्या कर दी गई! आरोप है कि विवाद बढ़ने पर वहां मौजूद लोगों ने विक्रम सिंह पर हमला कर दिया। लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका बेटा उन्हें तत्काल होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गौरतलब है कि विक्रम सिंह पिछले कई वर्षों से किलोकरी में परिवार के साथ रह रहे थे। वह मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले और मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते थे। वह एक संस्थान के लिए संगीतकार के तौर पर काम करते थे।घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे का विरोध करना मणिपुर के 54 वर्षीय संगीतकार सी. विक्रम सिंह को भारी पड़ गया। आरोप है कि विवाद के बाद वहां मौजूद लोगों ने उनकी लात-घूंसों से पिटाई कर दी, जिससे उनकी मौत हो गई। दक्षिणी पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के मुताबिक, सोमवार सुबह उनके घर के बाहर कुछ डिलीवरी ब्वाय और ढाबा कर्मचारी कथित तौर पर शोर-शराबा कर रहे थे। लगातार हो रहे हंगामे से परेशान होकर विक्रम सिंह नीचे आए और उन्हें शांत रहने के लिए कहा। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।पुलिस ने हत्या की धारा में एफआइआर दर्ज कर नाबालिग समेत आठ आरोपितों को पकड़ा है। पुलिस ने एक नाबालिग समेत ढाबा कर्मी भरत कुमार (जीवन नगर), प्रमोद (भगवान नगर), रमजान खान (सनलाइट कॉलोनी-एक), दीपांशु (अमर कॉलोनी), मोहन कुमार (सैनी ढाबा), विजय (किलोकरी) और डिलीवरी ब्वाय मन्नू (किलोकरी) को पकड़ा है। पुलिस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर रही है। वहीं, शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
मामले ने दिल्ली में नार्थ-ईस्ट के लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या का कारण शोर-शराबे को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। हालांकि, मणिपुर निवासी विक्रम सिंह की मामूली विवाद के बाद पीट-पीटकर हत्या किए जाने से नार्थ-ईस्ट समुदाय की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ी है। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने भी घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत का कारण बने हमले से वह परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राजधानी में नार्थ-ईस्ट के लोगों के साथ हुई ज्यादतियों के दर्दनाक जख्म फिर खोल दिए हैं और अधिकारियों तथा दिल्ली पुलिस से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।
उधर सैकड़ों की तादाद में इकट्ठा ये लोग म्यूज़िशियन चोंगथम विक्रम सिंह के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं. इन लोगों का कहना था कि चोंगथम का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अपने घर के बाहर कुछ युवकों के दारू पीने और शोर मचाने पर आपत्ति जताई थी. इसके बाद कथित तौर युवकों ने उन्हें पहले घर के बाहर रोड पर पीटा और फिर जब वे जान बचाकर तीसरी मंजिल स्थित अपने फ्लैट में भागे तो युवक वहां भी पहुंच गए और घर में घुसकर उन्हें फिर से बेरहमी से पीटा. कुछ घंटों बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया. उनकी मौत के बाद से नॉर्थ ईस्ट के लोगों में काफी गुस्सा है. सैकड़ों की तादाद में लोग सनलाइट कॉलोनी थाने में इकट्ठा हो गए. इनका कहना है कि उन्हें लगातार उनकी पहचान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा है. हम भी भारतीय हैं फिर हमारे साथ गैरों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है? मणिपुर के रहने वाले म्यूज़िशियन चोंगथम विक्रम सिंह अपने बेटे और पत्नी के साथ दिल्ली के किलोकरी गांव में रहते थे. नॉर्थ ईस्ट के लोगों ने भारी संख्या में इकट्ठा होकर कैंडल मार्च निकाला और अपना विरोध जाहिर किया. पुलिस ने एक नाबालिग समेत 8 लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर ली है. सभी को हिरासत में लिया गया है.
गिटार वादक संगीतकार ने अपने कॅरियर में कई बडी संगीत कंपनियों के साथ काम किया. वह मणिपुर में बहुत लोकप्रिय थे. उनकी मां सी. कमला भी बड़ी संगीतकार थीं. उन्हे ‘मणिपुर का लता मंगेशकर‘ कहा जाता था. बताया जाता है कि चोंगथम विक्रम सिंह इम्फाल से इलाज कराने के वास्ते यहां अये थे और अपने बेटे के दिल्ली स्थित आवास में रह रहे थे, जहां यह वारदात हुई. जिस शहर पर जान निसार करता था अब वह डराता है। दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की कथित हत्या बेहद दुखद और चिंताजनक घटना है। महज रात में शोर कम करने का अनुरोध करना किसी भी व्यक्ति की हत्या का कारण नहीं हो सकता। यह घटना न केवल कानून–व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसक प्रवृत्ति की ओर भी संकेत करती है। देश की राजधानी में एक प्रतिष्ठित कलाकार का इस तरह जान गंवाना हमारी सामूहिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न है। दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कानून का भय कायम रहे और किसी नागरिक को अपनी सामान्य बात कहने पर हिंसा का शिकार न होना पड़े।






