पूर्वी उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रयागराज-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-128-A को फोरलेन से सिक्स लेन में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में जौनपुर से मुहम्मदपुर तक सड़क के चौड़ीकरण के लिए सर्वे का काम शुरू किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने के साथ-साथ प्रमुख शहरों और कस्बों के बीच आवागमन भी आसान होने की उम्मीद है।
जौनपुर-मुहम्मदपुर मार्ग का होगा विस्तृत सर्वे ?
सिक्स लेन परियोजना के लिए संबंधित एजेंसियों की टीम सड़क की मौजूदा स्थिति, जमीन की उपलब्धता, यातायात का दबाव और संभावित चौड़ीकरण क्षेत्र का आकलन कर रही है। सर्वे के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि सड़क को छह लेन में विकसित करने के लिए किन स्थानों पर अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। इस प्रक्रिया में सड़क की चौड़ाई, पुल-पुलियों, चौराहों, आबादी वाले क्षेत्रों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया जा सकता है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रयागराज और गोरखपुर के बीच सड़क संपर्क उत्तर प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़क की क्षमता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। फोरलेन की तुलना में सिक्स लेन सड़क पर वाहनों के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी, जिससे ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर किया जा सकेगा। जौनपुर से मुहम्मदपुर के बीच सड़क चौड़ी होने पर स्थानीय यात्रियों के साथ-साथ लंबी दूरी का सफर करने वाले लोगों को भी फायदा मिल सकता है। विशेष रूप से मालवाहक वाहनों की आवाजाही के लिए बेहतर सड़क मिलने से परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी मिल सकता है बढ़ावा ?
हाईवे के चौड़ीकरण का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा। सड़क के आसपास स्थित बाजारों, पेट्रोल पंप, ढाबों, होटल, सर्विस सेंटर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी इसका लाभ मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से नए कारोबार स्थापित होने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना रहती है। वहीं, हाईवे के किनारे रहने वाले लोगों के लिए परियोजना के दौरान सर्विस रोड, जल निकासी, प्रवेश-निकास और यातायात सुरक्षा जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण होंगे। इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार करना जरूरी होगा, ताकि सड़क विकास के साथ स्थानीय आवागमन भी सुचारु बना रहे।
प्रयागराज-गोरखपुर कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार ?
NH-128-A का विस्तार और चौड़ीकरण पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम माना जा सकता है। प्रयागराज, जौनपुर, आजमगढ़ क्षेत्र और गोरखपुर की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सड़क ढांचा मिलने से यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
फिलहाल जौनपुर से मुहम्मदपुर तक सर्वे की प्रक्रिया शुरू होना परियोजना की शुरुआती महत्वपूर्ण कड़ी है। सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत योजना, लागत, भूमि संबंधी आवश्यकताओं और निर्माण की समयसीमा को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित सिक्स लेन परियोजना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले समय में इस पूरे कॉरिडोर की क्षमता में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। इससे न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।






