चौथा अक्षर संवाददाता/ रामपुरा
पूरे देश में ज्यादातर सरकारी स्कूल या तो बंद किए जा रहे हैं या फिर बिल्कुल जर्जर हालत में हैं जहाँ बच्चों का बैठ कर पढ़ना बहुत मुश्किल है। ऐसा ही एक जर्जर स्कूल राजस्थान के कंवरपुरा में पिछले काफ़ी सालों से चल रहा था जिसमे भैंसों का तबेला बना हुआ था। इसी सरकारी स्कूल को देखने जब सी. जे. पी. के प्रवक्ता आशुतोष रांका वहाँ पहुंचे तो उनके साथ सरेआम मारपीट, पत्थरबाजी की गई। कारों के शीशे फोड़े गए, टीम पर पत्थर बरसाये गए, कपड़े फाड़े गए, ट्यूब में पत्थर डालकर टीम को मारा गया। यह सब मदन दिलावर के कहने पर हुआ है। मदन दिलावर को बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहे, यह मंज़ूर है, लेकिन स्कूल ठीक हो जाये, यह मंज़ूर नहीं।


बताया जाता है कि “रामपुरा- कंवरपुरा गांव में लगभग 200 परिवार रहते हैं, जिनमें से करीब 125 ब्राह्मण परिवार हैं तथा शेष घर यादव, धानक और अन्य समुदाय के हैं। इस गाँव में जो सरकारी स्कूल है उस स्कूल की हालत बद से बद्तर है। स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण बच्चों को टूटे टिन की चद्दर के नीचे पढ़ाया जा रहा है। इस स्कूल में कुल 18 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें 12 बच्चे एससी समुदाय से और 6 बच्चे ओबीसी वर्ग से हैं।
स्कूल में कुल दो शिक्षिकाएं पदस्थ हैं। गांव के कुछ दबंग जातिगत बाहुल्य लोग स्कूल परिसर में अपनी गाय-भैंसें बांधते हैं, चारा रखते हैं और अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली भी वहीं खड़े करते हैं।
यह भी सामने आया कि वीडियो में मारपीट को सही ठहराने वाले जुगल शर्मा के दो बेटे हैं- बनवारी शर्मा और ताराचंद। उसने अपने दोनों बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में पढ़ाया, लेकिन सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिले, इसके लिए अपनी संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन किया।” बीजेपी के दलाल या एजेंट ने भारत के सरकारी स्कूल को बर्वाद कर दिया है
कॉकरोच जनता पार्टी की स्कूल ठीक करो मुहिम जारी है. इस बीच सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने नया ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि कल हुए हमले की पुलिस को निष्पक्ष होकर जांच करनी चाहिए.





