चौथा अक्षर संवाददाता/सोनभद्र
“सरहद पर खड़े भाई की कलाई सूनी नहीं रहेगी” – महिला अधिवक्ता आसमां का संकल्प
रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को है,लेकिन सोनभद्र की महिला अधिवक्ता बहनों का भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और देशभक्ति का जज्बा अभी भी बरकरार है। दीवानी न्यायालय, सोनभद्र की महिला अधिवक्ताओं ने एक सराहनीय पहल करते हुए जम्मू-कश्मीर में देश की रक्षा में तैनात वीर सैनिक भाइयों के लिए राखियां भेजी हैं। शनिवार को कचहरी परिसर में महिला अधिवक्ताओं ने एक सभा कर सेना के जवानों के लिए राखी, रोली, चंदन और शुभकामना संदेश भेजा।

अधिवक्ता बहनों ने कहा कि जब पूरा देश अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन मना रहा था, तब हमारे ये भाई बर्फीली पहाड़ियों में देश की हिफाजत कर रहे थे। ऐसे में एक बहन होने के नाते हमारा भी फर्ज बनता है कि उनकी कलाई सूनी न रहे। अधिवक्ताओं ने कहा – ये राखी सिर्फ धागा नहीं, सुरक्षा का कवच है इस मौके पर अधिवक्ता बिन्दु,यादव और अधिवक्ता आसमां ने कहा कि यह राखी सोनभद्र की माटी से कश्मीर की वादियों तक भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। सुशीला और गीता गौर अधिने कहा कि हम कोर्ट में न्याय के लिए लड़ती हैं और हमारे भाई सरहद पर देश की रक्षा के लिए लड़ते हैं। हम दोनों का उद्देश्य देश सेवा ही है।
अधिवक्ता आशमा, समृद्धि और पुष्पा तिग्गा ने संयुक्त रूप से कहा कि ये राखियां उन अनजान भाइयों के लिए हैं, जिन्होंने हम बहनों की रक्षा का वचन लिया है। कार्यक्रम में अधिवक्ता चन्द्रावती, आकृति निर्भया, किरण सहित बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ता बहनें मौजूद रहीं। सभी ने भारत माता की जय और वन्दे मातरम के जयकारे के साथ राखियों को जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना किया। यह पहल पूरे जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग महिला अधिवक्ताओं के इस कदम की सराहना कर रहे हैं






