आज के समय में घर खरीदने के लिए होम लोन लेना आम बात हो गई है, लेकिन कई बार आर्थिक परेशानियों की वजह से लोग समय पर EMI नहीं भर पाते। अगर कोई व्यक्ति लगातार 3 महीने यानी 90 दिनों तक EMI नहीं चुकाता है, तो बैंक उस लोन अकाउंट को NPA (Non-Performing Asset) घोषित कर देता है। हालांकि, NPA घोषित होते ही मकान की नीलामी नहीं होती। इसके बाद बैंक उधारकर्ता को SARFAESI Act, 2002 के तहत 60 दिन का नोटिस भेजता है, जिसमें बकाया राशि चुकाने का मौका दिया जाता है। इस दौरान ग्राहक अगर भुगतान कर देता है, तो आगे की कार्रवाई रुक सकती है।
नीलामी से पहले बैंक की प्रक्रिया और ग्राहक के अधिकार ?
अगर 60 दिन के नोटिस के बाद भी ग्राहक भुगतान नहीं करता, तो बैंक संपत्ति पर कब्जा लेने और नीलामी की प्रक्रिया शुरू करता है। लेकिन यह प्रक्रिया भी तुरंत पूरी नहीं होती, इसमें कई महीने लग सकते हैं और नीलामी से पहले सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाता है।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ग्राहक के पास कई अधिकार होते हैं, जैसे कि बकाया राशि चुकाकर संपत्ति वापस लेना या कोर्ट में अपील करना। इसलिए यह समझना जरूरी है कि केवल 3 EMI ड्यू होने पर मकान नीलाम नहीं होता, बल्कि बैंक कई अवसर देता है। बेहतर यही है कि आर्थिक समस्या आने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें और समाधान निकालने की कोशिश करें।






