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सोक्रेट्स सोशल रिसर्च यूनिवर्सिटी ने श्रीनिवास प्रधान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया

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चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली

सोक्रेट्स सोशल रिसर्च यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में शिक्षा , साहित्य , पत्रकारिता ,फिल्म, रंगमंच , समाजशास्त्र , इतिहास , राजनीति, खेल व समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 50 से अधिक व्यक्तियों को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉक्टरेट की मानद उपाधि देकर सम्मानित किया गया । यूनिवर्सिटी हर साल समाज में बेहतर कार्य करने वालों को डॉक्टरेट की मानद उपाधि देकर सम्मानित करती है ।

दिल्ली देहात के बापरौला गाँव में जन्में श्रीनिवास प्रधान को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मुख्य अतिथि प्रोफेसर आर.के.सिंहा ( पद्मश्री ) व वाइस चांसलर ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया । श्रीनिवास प्रधान को सम्मान में डॉक्टरेट की मानद उपाधि ( डिग्री ) , प्रशस्ति पत्र , शील्ड आदि दी । इस सम्मान में मंच पर पूर्व जस्टिस राजेश टंडन जी उत्तराखंड , विंग कमांडर श्री प्रफुल्ल बख्शी जी , एनकाउंटर स्पेशलिस्ट श्री एल. एन. राव जी, सोक्रेट्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डा.के.योगेश,मुख्य चिकित्सक डा. आशीष गोयल जी व दिल्ली विश्वविद्यालय में सीनियर प्रोफेसर हंसराज सुमन आदि रहे ।

इस सम्मान के मिलने पर प्रोफेसर हंसराज सुमन का कहना है कि श्रीनिवास प्रधान चौधरी 360 दिल्ली देहात में एक जाना माना नाम है, वे पिछले कई दशकों से जुलाहा समाज के लोगों में सामाजिक समरसता और समानता, भाईचारा व एकता के लिए कार्य कर रहे हैं । वे ऐसे गरीब बच्चों की भी मदद करते हैं जो पढ़ने में होशियार हैं और किन्हीं कारणवश फीस नहीं दे पाते हैं उनकी आर्थिक सहायता करते हैं ताकि वे अपनी शिक्षा ग्रहण कर सकें । प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया है कि श्रीनिवास प्रधान उन बहनों का भी भात भरते हैं जिनके भाई नहीं है या वह परिवार भात भरने में सक्षम नहीं है, उन बहनों का भाई बनकर भात भरते हैं । इतना ही नहीं ये बहुजन समाज के महानायकों की जयंतियों के अवसर पर गैर सरकारी संगठनो की भी आर्थिक मदद करते हैं। उनका मानना है कि वर्तमान युवा पीढ़ी अपने बहुजन समाज के महानायकों को भूलती जा रही है इसलिए हमारी भावी पीढ़ी उनके साहित्य को पढ़कर उनके विषय में जाने और उनके द्वारा किए गए कार्यों से प्रेरणा ग्रहण करें । उनका कहना है कि जुलाहा समाज के लिए यह गौरव की बात है कि उनके कार्यों को देखते हुए डॉक्टरेट की मानद उपाधि (डिग्री ) मिली । आज के बाद वे डॉक्टर श्रीनिवास प्रधान के नाम से जाने जायेंगे। प्रोफेसर सुमन ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस सम्मान के बाद से वह समाज सेवा के क्षेत्र में और बढ़ चढ़कर कार्य करेंगे ऐसा मेरा मानना है।

डॉक्टरेट की डिग्री मिलने पर श्रीनिवास प्रधान का कहना है कि सोक्रेट्स सोशल रिसर्च यूनिवर्सिटी ने जो डॉक्टरेट की उपाधि मुझे दी है, यह मेरा सम्मान नहीं है बल्कि मेरे कार्यों का सम्मान है जिसे मैं पिछले कई दशकों से दिल्ली देहात में सभी समाज में कार्य करता आ रहा हूं , विशेषकर मैंने जुलाहा समाज में ज्यादा काम किया है और भविष्य में ज्यादा करूंगा । उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति के सीखने की कोई उम्र नहीं होती , ज्ञान को सदैव बाटना चाहिए , अब मैं अपने समाज में इस ज्ञान को फैलाने का कार्य करूंगा और जो संस्कार मुझे अपने माता पिता ,परिवार व परिवेश से मिले हैं उन्हें जन – जन तक पहुंचाने का काम करूंगा । मैंने कबीरपंथी जुलाहा समाज में जन्म लिया है , परिवार में जहाँ कबीर साहेब की वाणियां , शबद और रमैनी गाई जाती थी मैंने उनको ग्रहण कर वैसा बनने का प्रयास किया है । मेरे परिवार में आज भी तानी बुनने वाले यंत्र मौजूद हैं । उन्होंने कहा कि कबीर साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर, ज्योतिबा फुले , सावित्री बाई फुले, संत शिरोमणि गुरु रविदास , झलकारी बाई , शहीद उधम सिंह जैसे महानायकों के इतिहास को राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रमों के माध्यम से वर्तमान युवा पीढ़ी को बताया जाएगा । इसके लिए कार्यशाला , कॉन्फ्रेस आदि की जायेगी और युवाओं को जागरूक किया जायेगा। मुझे डॉक्टरेट की उपाधि दिलाने में मेरे अनुज प्रोफेसर हंसराज सुमन का विशेष योगदान रहा है , मैं हृदय से उनका धन्यवाद व्यक्त करता हूं।

बधाई देने वाला का घर पर लगा तांता — श्रीनिवास प्रधान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने के बाद से उनके घर पर व फोन पर बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है । बधाई देने वालों में कबीरपंथी जुलाहा समाज के अध्यक्ष श्री करतार सिंह बज्जर ने उन्हें फोन पर बधाई देते हुए कहा कि श्री निवास प्रधान को डॉक्टरेट की उपाधि मिलने से हमारी युवा पीढ़ी में सकारात्मक संदेश गया है कि समाज सेवा करना भी एक धर्म है और उस धर्म का जुलाहा समाज के लोगों में शिक्षा , व्यापार और व्यक्ति को अपना करियर बनाने के लिए जागरूक करने में मदद मिलेगी । उन्होंने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने की कोई उम्र नहीं होती, इतनी उम्र में भी समाज सेवा को 16 घंटे देते हैं । श्री सत्यनारायण अहलावत ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने पर कहा कि यह सम्मान दिल्ली देहात के लोगों का हुआ है , दिल्ली के लोगों में उनकी पहचान समाज सेवा की है । श्री अशोक नेताजी ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि मिलने से ग्रामीण युवाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा होगी। श्री जगपाल सिंह तंवर ने उन्हें बधाई देते हुए कहा है कि इस उपाधि के मिलने से जुलाहा पंचायत का मान सम्मान बढ़ा है । श्री दलबीर भोरिया ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके इस सम्मान से दिल्ली देहात में खुशी का माहौल है , इन्होंने हर समाज में अपनी पहचान बनाई हुई है , लोगों का काम करते हैं । इस सम्मान से हमारे समाज के बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और श्री निवास समाज सेवा के क्षेत्र में पहले से ज्यादा काम करेंगे ऐसा मेरा मानना है ।

अनेक संस्थाओं ने भी उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है । कबीर जन कल्याण मंच , कबीरपंथी जुलाहा समाज, अखिल भारतीय कबीरपंथी जुलाहा महासभा, दिल्ली, बापरौला रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, बापरौला समाज सेवा समिति, चौधरी चांद राम जन्मोत्सव कमेटी , एससी, एसटी टीचर्स एसोसिएशन , नांगलोई , बवाना व नजफगढ़ के लोगों ने घर पर आकर बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा कि इन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने से ग्रामीण युवा पीढ़ी ने भविष्य में शिक्षा और समाज सेवा करने का संकल्प लिया ।

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