नई दिल्ली। दुनिया के प्रमुख पाम ऑयल उत्पादक देशों में शामिल इंडोनेशिया अब बायोडीजल कार्यक्रम को एक और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। देश ने 2026 में B50 बायोडीजल कार्यक्रम लागू किया है और अब 2027 में B60 बायोडीजल लागू करने की दिशा में तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए सरकार क्रूड पाम ऑयल (CPO) की उपलब्धता और बायोडीजल उत्पादन क्षमता का आकलन कर रही है।
B60 के लिए बढ़ानी होगी CPO की उपलब्धता ?
इंडोनेशिया के ऊर्जा एवं खनिज संसाधन मंत्रालय के अनुसार, B60 को लागू करने के लिए पर्याप्त मात्रा में कच्चा पाम ऑयल उपलब्ध होना जरूरी होगा। सरकार यह भी जांच रही है कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पाम ऑयल उत्पादन बढ़ाने, नई खेती करने या मौजूदा बागानों की उत्पादकता में सुधार की आवश्यकता पड़ेगी या नहीं। यही वजह है कि B60 योजना को वैश्विक पाम ऑयल बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि इंडोनेशिया अपने घरेलू बायोडीजल उत्पादन के लिए अधिक CPO इस्तेमाल करता है, तो निर्यात के लिए उपलब्ध पाम ऑयल की मात्रा पर दबाव बढ़ सकता है।
FAME उत्पादन क्षमता भी बढ़ानी होगी ?
B60 कार्यक्रम के लिए केवल CPO की उपलब्धता पर्याप्त नहीं होगी। सरकार को FAME यानी Fatty Acid Methyl Ester के उत्पादन की क्षमता भी बढ़ानी होगी। FAME पाम ऑयल आधारित बायोडीजल का प्रमुख घटक है और B60 को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए अतिरिक्त उत्पादन क्षमता की आवश्यकता होगी। यह जरूरत सब्सिडी वाले तथा वाणिज्यिक दोनों ईंधन बाजारों में हो सकती है। इंडोनेशिया की सरकार ने FAME की जरूरतों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी BPDPKS को दी है। इस अध्ययन के परिणाम दिसंबर 2026 तक आने की उम्मीद है। इसके बाद B60 के लिए आवश्यक उत्पादन मात्रा और तकनीकी मानकों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
B60 में HVO को लेकर भी विचार ?
इंडोनेशिया B60 के अंतिम फॉर्मूले पर भी काम कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, B50 में इस्तेमाल किए जा रहे FAME के साथ B60 में करीब 10 प्रतिशत HVO यानी Hydrotreated Vegetable Oil शामिल करने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि HVO की लागत FAME की तुलना में करीब 1.5 से 2 गुना अधिक बताई गई है। इसलिए इस विकल्प पर अभी शुरुआती स्तर पर परीक्षण और तकनीकी अध्ययन चल रहा है। सरकार ने अभी B60 की अंतिम मिश्रण संरचना घोषित नहीं की है।
पाम ऑयल बाजार पर पड़ सकता है असर
B60 के लागू होने से इंडोनेशिया में बायोडीजल के लिए पाम ऑयल की घरेलू खपत और बढ़ सकती है। इसका सीधा असर CPO की उपलब्धता और वैश्विक व्यापार पर पड़ने की संभावना है। यदि घरेलू खपत तेज गति से बढ़ती है और उत्पादन उसी अनुपात में नहीं बढ़ता, तो निर्यात योग्य पाम ऑयल की मात्रा कम हो सकती है। इंडोनेशिया की यह नीति ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। देश ने जुलाई 2026 से B50 को अनिवार्य किया है, जो 50 प्रतिशत पाम ऑयल आधारित बायोडीजल और 50 प्रतिशत जीवाश्म डीजल का मिश्रण है।
भारत समेत वैश्विक बाजार की नजर ?
इंडोनेशिया दुनिया के प्रमुख पाम ऑयल उत्पादकों में है, इसलिए B60 की दिशा में बढ़ता कदम वैश्विक वनस्पति तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। घरेलू बायोडीजल में CPO की अधिक खपत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्धता घट सकती है, जिसका असर कीमतों पर पड़ सकता है। हालांकि बाजार की दिशा केवल इंडोनेशिया की नीति से तय नहीं होगी। उत्पादन, मौसम, मलेशिया की आपूर्ति, वैश्विक खाद्य तेल मांग और ऊर्जा कीमतें भी पाम ऑयल के भाव को प्रभावित करेंगी। B60 की तैयारी इंडोनेशिया में पाम ऑयल की घरेलू मांग बढ़ाने वाला बड़ा कदम साबित हो सकती है। लेकिन इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन B60 की अंतिम संरचना, CPO उपलब्धता और FAME उत्पादन क्षमता पर होने वाले सरकारी अध्ययन के बाद ही अधिक स्पष्ट होगा।






