चौथा अक्षर संवाददाता/ लखनऊ
समाजवादी पार्टी कानपुर नगर के बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र की समाजवादी पार्टी की नेता श्रीमती रचना सिंह गौतम ने आज राजभवन लखनऊ में महामहिम राज्यपाल महोदया, उत्तर प्रदेश को चिट्ठी भेजकर नेहरू विद्यालय इण्टर कॉलेज, अरौल के अवैध ध्वस्तीकरण पर कड़ी आपत्ति जताई।
श्रीमती रचना सिंह गौतम ने बताया कि इस ऐतिहासिक व मान्यता प्राप्त विद्यालय में 2000 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। तहसीलदार बिल्हौर अनुभव चंद्रा ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के विधिक नियमों, निष्पक्ष जांच और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को ताक पर रखकर विद्यालय भवन पर बुलडोजर चलवा दिया। शांतिपूर्ण विरोध करने पर पूर्व प्रत्याशी रचना सिंह गौतम को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया, जो लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिल्हौर के तहसीलदार अनुभव चंद्रा ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के विधिक नियमों, निष्पक्ष जांच और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को ताक पर रखकर यह बुलडोजर कार्रवाई की है। 9 सितंबर 2026 को जब प्रशासन कॉलेज परिसर के रास्ते पर बनी दुकान को हटाने पहुंचा, तब रचना सिंह गौतम और उनके पति पंकज सिंह ने समर्थकों के साथ इसका पुरजोर विरोध किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने लगातार धरना प्रदर्शन जारी रखा।
गौरतलब है कि कानपुर के बिल्हौर तहसील क्षेत्र के अरौल में बुधवार को रास्ते की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम को सपा कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान कार्रवाई का विरोध और नारेबाजी कर रहीं सपा नेता रचना सिंह गौतम और उनके पति पंकज सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी चलाकर रास्ते पर बनी अवैध दुकान को ढहा दिया गया।
तहसीलदार अनुभव चंद्रा ने बताया कि अरौल निवासी अरविंद त्रिपाठी ने रास्ते पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। राजस्व टीम की जांच में नेहरू विद्यालय इंटर कॉलेज परिसर स्थित रास्ते की जमीन पर दुकान बनी मिली। इसके बाद बुधवार दोपहर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम और पुलिस बल अतिक्रमण हटाने मौके पर पहुंचा।
टीम ने जैसे ही दुकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की, सपा नेता रचना सिंह गौतम अपने पति और समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने नारेबाजी करते हुए कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया। थाना प्रभारी विनय तिवारी ने पुलिस बल के साथ स्थिति को संभालने और समझाने की कोशिश की, लेकिन विरोध बढ़ता देख पुलिस ने सपा नेत्री और उनके पति को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।
हिरासत की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने बिना किसी रुकावट के दुकान को जमींदोज कर दिया। तहसीलदार ने साफ किया कि रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है। खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को वहां तुरंत सड़क बनाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
इस विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) बिल्हौर और ACP बिल्हौर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर घटना का मुआयना किया और मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया है।क्षेत्रीय जनता, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने भी एक सुर में मांग की है कि विद्यालय में आगे कोई तोड़फोड़ न हो, तहसीलदार की कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की जाए और ध्वस्त किए गए हिस्से का प्रशासन द्वारा पुनर्निर्माण कराया जाए।
इस न्याय की लड़ाई में प्रमुख रूप से ’अशोक कटियार, पूर्व ब्लाक प्रमुख राजू कटियार, परवीन चंद्र कटियार, शैलेंद्र कनोजिया, महेश चंद्र कटियार, कपूर कटियार, साहिर हुसैन जाफरी, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश कटियार, मनीष कटियार, धर्मवीर कटियार, पुनीत कटियार, संतोष पाल, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष ऋषभ यादव, ब्लॉक अध्यक्ष आशीष कटियार, शैलेंद्र कटियार, अंकित कटियार, राहुल यादव, अनुज यादव, पूर्व प्रधान ज्ञान सिंह, शशिकांत पाल, महासचिव गोलू कटियार, अजनीश, सत्यम, मुकेश, विवेक कटियार, पंकज सिंह, धर्मवीर यादव, डब्बू बेरिया, बंटी कटियार, अनुराग कटियार, अफसर अली योगेश कुशवाहा, शिवम कटियार, वीर सिंह राजपूत, निर्दोष कटियार, श्यामजी, सबिता, संतोष कटियार, नरेंद्र कटियार दिवयांशु कटियार आदर्श कटियार सहित सैकड़ों छात्र, अभिभावक व क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।






