पटना: किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने और खेती की लागत कम करने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जा रहा है। चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत पात्र किसानों को अलग-अलग कृषि मशीनों और उपकरणों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान मिलने का प्रावधान है। इसके लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल से कम समय में अधिक काम पूरा करने में मदद मिलती है। हालांकि ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, ड्रोन और अन्य आधुनिक मशीनों की कीमत अधिक होने के कारण छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए इन्हें खरीदना आसान नहीं होता। ऐसे में सरकारी सब्सिडी किसानों के लिए मशीनरी खरीदने की लागत को कम कर सकती है।
ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर पर भी मिलेगी सहायता ?
इस योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने से जुड़ी है। इसके माध्यम से किसान या पात्र समूह कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे और जरूरत के अनुसार दूसरे किसानों को भी ड्रोन सेवा उपलब्ध करा सकते हैं। ड्रोन का इस्तेमाल खेतों में फसल पर दवा एवं पोषक तत्वों के छिड़काव जैसे कार्यों में किया जा सकता है। इससे कम समय में बड़े क्षेत्र में छिड़काव करने में मदद मिल सकती है। कस्टम हायरिंग सेंटर की अवधारणा का उद्देश्य ऐसी महंगी कृषि मशीनों को किसानों तक सेवा के रूप में पहुंचाना भी है, ताकि हर किसान को अलग से मशीन खरीदने की आवश्यकता न पड़े।
कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान ?
सरकार की योजना के तहत विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान की दर अलग-अलग हो सकती है। पात्रता, मशीन का प्रकार, श्रेणी और योजना के निर्धारित नियमों के आधार पर किसानों को 40 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 80 प्रतिशत तक सहायता मिल सकती है। इससे किसान आधुनिक कृषि उपकरणों को अपेक्षाकृत कम लागत में खरीद सकते हैं। मशीनों के इस्तेमाल से खेती में श्रम की जरूरत कम करने, समय बचाने और कृषि कार्यों को अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
ऑनलाइन आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान ?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन से पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर योजना की पात्रता, उपलब्ध कृषि यंत्र, अनुदान की दर, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की अंतिम तिथि की जानकारी जांचना जरूरी है किसानों को आवेदन के दौरान दी गई जानकारी सही भरनी चाहिए और आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित प्रारूप में अपलोड करना चाहिए। किसी भी तरह की गलती होने पर आवेदन के सत्यापन के दौरान परेशानी आ सकती है।
आधुनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा ?
कृषि यंत्रों पर अनुदान और ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर जैसी पहल खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा दे सकती है। खासकर छोटे किसानों के लिए मशीनों को सेवा के रूप में उपलब्ध कराना उपयोगी विकल्प बन सकता है। चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान और ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए ऑनलाइन आवेदन किसानों तथा कृषि उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। इच्छुक आवेदकों को आवेदन करने से पहले अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक सूचना में पात्रता, अनुदान प्रतिशत और आवेदन की अंतिम तारीख जरूर जांच लेनी चाहिए।






