नई दिल्ली। अगर आपने स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप EMI पर खरीदा है, तो आपके लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल तरीके से फाइनेंस किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को लेकर नया फ्रेमवर्क जारी किया है। इसका उद्देश्य ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और फाइनेंस कंपनियों द्वारा डिवाइस पर लगाए जाने वाले रिमोट कंट्रोल को पारदर्शी बनाना है। यह नया फ्रेमवर्क 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाला है। नए नियमों के बाद केवल EMI का भुगतान समय पर नहीं होने की स्थिति में किसी फाइनेंस किए गए फोन या दूसरे डिवाइस को मनमाने तरीके से तुरंत रिमोट लॉक करना आसान नहीं होगा। यानी ग्राहक को डिवाइस के इस्तेमाल और अपनी निजी जानकारी को लेकर पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
EMI डिफॉल्ट पर तुरंत लॉक नहीं होगा डिवाइस ?
आजकल मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट को EMI पर खरीदने का चलन काफी बढ़ गया है। कई मामलों में फाइनेंस कंपनियां या उनके पार्टनर डिवाइस में ऐसे सॉफ्टवेयर या सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं, जिनकी मदद से भुगतान में गंभीर चूक होने पर डिवाइस के इस्तेमाल को सीमित किया जा सकता है। RBI के नए फ्रेमवर्क में ऐसे सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट शर्तें तय की गई हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक का डिवाइस केवल एकतरफा और बिना उचित प्रक्रिया के लॉक न किया जाए। फाइनेंसिंग से जुड़े डिजिटल कंट्रोल का इस्तेमाल करते समय ग्राहक की सहमति और उसके अधिकारों का ध्यान रखना जरूरी होगा।
ग्राहक की सहमति और डेटा की सुरक्षा पर जोर
नए नियमों का एक अहम पहलू ग्राहक की सहमति और डेटा प्राइवेसी से जुड़ा है। डिवाइस में किसी तरह का फाइनेंसिंग सॉफ्टवेयर या डिजिटल कंट्रोल सिस्टम इस्तेमाल किए जाने की स्थिति में ग्राहक को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही, इस तरह के सिस्टम को ग्राहक की निजी जानकारी तक अनावश्यक पहुंच नहीं मिलनी चाहिए। इसका सीधा फायदा उन लोगों को हो सकता है जो महंगे स्मार्टफोन या लैपटॉप को आसान मासिक किस्तों में खरीदते हैं। कई बार ग्राहक को यह पूरी जानकारी नहीं होती कि EMI फाइनेंसिंग के साथ उसके डिवाइस में किस तरह का सॉफ्टवेयर लगाया गया है। नए नियम इस प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम हैं। RBI के इस फ्रेमवर्क का असर सिर्फ ग्राहकों पर ही नहीं, बल्कि बैंकों, NBFC और अन्य संबंधित फाइनेंस कंपनियों पर भी पड़ेगा। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि डिवाइस पर लगाए जाने वाले डिजिटल कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल तय नियमों के अनुसार हो। इसके अलावा, ग्राहक को फाइनेंस की शर्तों, डिवाइस पर लागू होने वाले प्रतिबंधों और भुगतान में चूक होने की स्थिति में संभावित कार्रवाई की पर्याप्त जानकारी देना महत्वपूर्ण होगा। इससे EMI लेने से पहले ग्राहक बेहतर फैसला कर सकेंगे।
EMI खरीदने वालों के लिए क्या बदलेगा?
अगर आप 2027 से स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप EMI पर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो फाइनेंस एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ना जरूरी होगा। सिर्फ मासिक EMI और ब्याज दर देखकर खरीदारी करने के बजाय यह भी जांचें कि डिवाइस पर किसी तरह का डिजिटल लॉक या कंट्रोल सिस्टम लागू है या नहीं।
RBI का नया फ्रेमवर्क ग्राहक सुविधा, पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। इससे EMI पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीदने वाले ग्राहकों को अपने अधिकारों और फाइनेंसिंग प्रक्रिया की बेहतर जानकारी मिलेगी। वहीं कंपनियों के लिए भी डिवाइस लॉक करने जैसी तकनीकों के इस्तेमाल में स्पष्ट नियमों का पालन करना जरूरी होगा।






