डिजिटल इंडिया के दौर में UPI पेमेंट आज हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक लोग अब कैश की जगह मोबाइल से पेमेंट करना ज्यादा पसंद करते हैं। भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले UPI ऐप्स में PhonePe, Google Pay और Paytm शामिल हैं। लेकिन हाल ही में साइबर एक्सपर्ट Amit Dubey के एक बयान ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को थर्ड पार्टी UPI ऐप्स की बजाय सीधे बैंकिंग ऐप्स के जरिए पेमेंट करना चाहिए।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है कि आखिर क्या UPI ऐप्स सुरक्षित नहीं हैं? क्या बैंकिंग ऐप्स ज्यादा भरोसेमंद होते हैं? आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और हर दिन करोड़ों ट्रांजैक्शन UPI के जरिए किए जा रहे हैं। ऐसे में साइबर फ्रॉड के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। कई बार लोग फर्जी लिंक, स्क्रीन शेयरिंग ऐप, OTP फ्रॉड और नकली कस्टमर केयर के चक्कर में अपने बैंक खाते खाली करवा बैठते हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि जितने ज्यादा प्लेटफॉर्म और परमिशन मोबाइल में होंगे, डेटा चोरी और फ्रॉड का खतरा उतना बढ़ सकता है।
बैंकिंग ऐप्स को ज्यादा सुरक्षित क्यों माना जाता है?
साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे के अनुसार, बैंकिंग ऐप्स सीधे बैंक के सर्वर से जुड़े होते हैं और उनमें सिक्योरिटी लेयर ज्यादा मजबूत होती है। वहीं कई थर्ड पार्टी UPI ऐप्स अतिरिक्त फीचर्स, ऑफर और विज्ञापनों के कारण ज्यादा परमिशन मांगते हैं। यदि यूजर सावधानी नहीं रखता, तो साइबर अपराधी इन्हीं कमजोरियों का फायदा उठा सकते हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि PhonePe, GPay या Paytm असुरक्षित हैं। ये सभी ऐप्स भारत सरकार और NPCI के नियमों के तहत काम करते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सुरक्षा काफी हद तक यूजर की जागरूकता पर भी निर्भर करती है। अगर कोई व्यक्ति बिना सोचे-समझे किसी लिंक पर क्लिक करता है या OTP शेयर कर देता है, तो उसका बैंक अकाउंट खतरे में पड़ सकता है।
साइबर विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि मोबाइल में केवल जरूरत वाले ऐप्स ही रखें। अनजान APK फाइल डाउनलोड न करें और हमेशा ऐप्स को ऑफिशियल स्टोर से ही इंस्टॉल करें। कई बार फर्जी UPI ऐप्स असली ऐप्स की तरह दिखते हैं और लोग धोखा खा जाते हैं।
इसके अलावा बैंकिंग ऐप्स में आमतौर पर लॉगिन के लिए अतिरिक्त सिक्योरिटी लेयर होती है, जैसे MPIN, डिवाइस बाइंडिंग और मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन। इससे हैकिंग का खतरा कम हो जाता है। वहीं कुछ लोग सुविधा और कैशबैक के लिए अलग-अलग UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, जिससे रिस्क थोड़ा बढ़ सकता है।
अगर आप UPI इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां हमेशा ध्यान में रखें। किसी भी अनजान व्यक्ति को UPI PIN न बताएं। स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने से बचें। “Receive Money” और “Pay Request” में अंतर समझें। कई बार साइबर अपराधी पैसे भेजने के बहाने पेमेंट रिक्वेस्ट भेज देते हैं और लोग PIN डालकर खुद पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
इसके अलावा अपने मोबाइल में मजबूत पासवर्ड और फिंगरप्रिंट लॉक जरूर रखें। समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट चेक करते रहें और किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी तुरंत बैंक को दें। सार्वजनिक Wi-Fi पर बैंकिंग या UPI ट्रांजैक्शन करने से भी बचना चाहिए।

आज के समय में डिजिटल पेमेंट पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है। चाहे आप बैंकिंग ऐप इस्तेमाल करें या PhonePe, GPay और Paytm जैसे लोकप्रिय UPI प्लेटफॉर्म, सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार आपकी जागरूकता ही है। सही जानकारी और सावधानी के साथ डिजिटल पेमेंट सुरक्षित और आसान दोनों बन सकता है।






