हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कई प्लेटफॉर्म पर यह दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि यदि किसी व्यक्ति का CIBIL स्कोर 730 से कम होगा तो उसे 1 अप्रैल 2027 के बाद होम लोन या कार लोन नहीं मिलेगा। इस खबर ने लाखों लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि देश में बड़ी संख्या में लोग बैंक या वित्तीय संस्थानों से लोन लेकर घर, वाहन और अन्य जरूरतों को पूरा करते हैं। हालांकि, इस तरह की खबरों को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि वास्तव में RBI के नियम क्या कहते हैं और CIBIL स्कोर की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।
CIBIL स्कोर किसी व्यक्ति के क्रेडिट व्यवहार का संकेतक होता है। यह आमतौर पर 300 से 900 के बीच होता है। जितना अधिक स्कोर होगा, उतना ही बेहतर माना जाता है। बैंक और वित्तीय संस्थान लोन देने से पहले आवेदक की आय, नौकरी, मौजूदा कर्ज, भुगतान का रिकॉर्ड और CIBIL स्कोर सहित कई पहलुओं का मूल्यांकन करते हैं। सामान्य तौर पर 750 या उससे अधिक का स्कोर बेहतर माना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इससे कम स्कोर वाले व्यक्ति को हर स्थिति में लोन नहीं मिलेगा।
क्या 1 अप्रैल 2027 से बदल जाएंगे लोन के नियम?
RBI समय-समय पर बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करता है ताकि लोन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बन सके। यदि भविष्य में कोई नया नियामकीय बदलाव लागू होता है, तो उसका उद्देश्य जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाना और जिम्मेदार लेंडिंग को बढ़ावा देना होगा। हालांकि, केवल 730 से कम CIBIL स्कोर होने के आधार पर सभी प्रकार के होम या कार लोन पर पूरी तरह रोक लगने जैसी बात को आधिकारिक नियम मान लेना सही नहीं होगा। अंतिम निर्णय संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की क्रेडिट पॉलिसी पर भी निर्भर करता है।
कम CIBIL स्कोर होने पर बैंक लोन आवेदन को अधिक सावधानी से जांच सकते हैं। कुछ मामलों में लोन मंजूर हो सकता है, लेकिन ब्याज दर अधिक हो सकती है या अतिरिक्त दस्तावेज एवं गारंटर की जरूरत पड़ सकती है। वहीं अच्छा क्रेडिट स्कोर रखने वाले ग्राहकों को कम ब्याज दर, अधिक लोन राशि और तेज मंजूरी जैसी सुविधाएं मिलने की संभावना रहती है। यदि आपका CIBIL स्कोर 730 से कम है तो घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान, अनावश्यक कर्ज से बचाव, कम क्रेडिट उपयोग और पुराने लोन का नियमित भुगतान करके स्कोर में सुधार किया जा सकता है। बेहतर क्रेडिट इतिहास न केवल भविष्य में लोन मिलने की संभावना बढ़ाता है, बल्कि बेहतर शर्तों पर वित्तीय सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकता है।
CIBIL स्कोर लोन स्वीकृति का एक महत्वपूर्ण आधार जरूर है, लेकिन यह अकेला निर्णयकारी कारक नहीं है। किसी भी नए RBI नियम या बैंकिंग बदलाव से जुड़ी जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना और बैंक की नीति की पुष्टि करना हमेशा बेहतर रहता है। सही वित्तीय अनुशासन अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत बना सकता है और भविष्य में लोन लेने की संभावनाओं को बेहतर कर सकता है।






