चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली
दिल्ली सरकार से पूर्ण वित्त पोषित महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन ने अपने यहाँ सहायक प्रोफेसरों की स्थायी नियुक्ति करने संबंधी विज्ञापन जारी किया है । विज्ञापन के अनुसार स्थायी शिक्षकों के 06 पद निकाले गए हैं । इसमें सहायक प्रोफेसर अनरिजर्व –03 एससी –01, ओबीसी –01 , ईडब्ल्यूएस — 01 पद हैं । इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 जून 2026 है । बता दे कि यहाँ पर बीएड कोर्स की कक्षाएं लगती हैं । महर्षि वाल्मीकि कॉलेज का विज्ञापन आने से दिल्ली सरकार के अन्य कॉलेजों के लिए भी स्थायी नियुक्ति का रास्ता खुल गया है जहाँ पिछले 12 साल से नियुक्तियां बंद थी । फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ( शिक्षक संगठन ) के चेयरमैन प्रोफेसर हंसराज सुमन ने महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन द्वारा स्थायी सहायक प्रोफेसर के पदों को भरने संबंधी विज्ञापन दिए जाने पर खुशी जताते हुए कॉलेज के इस कदम का स्वागत किया है और कहा है कि दिल्ली सरकार के अन्य 11 कॉलेजों में भी जल्द ही सहायक प्रोफेसर के पदों के विज्ञापन जारी होंगे । उन्होंने बताया है अन्य कॉलेजों के रोस्टर पास होने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के पास गए हुए हैं जैसे ही रोस्टर पास होकर आएंगे विज्ञापन जारी हो जायेंगे । संभावना जताई जा रही है कि अगस्त / सितम्बर से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी । उनका यह भी कहना है कि महर्षि वाल्मीकि कॉलेज में स्थायी सहायक प्रोफेसर के पदों का विज्ञापन आने से वहाँ के एडहॉक शिक्षकों में खुशी का माहौल है । बता दें कि इन कॉलेजों में पिछले 12 साल से सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति न होने से छात्रों की शिक्षा पर असर पड़ रहा है ।
फोरम के चेयरमैन प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया है कि दिल्ली सरकार से पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेज है । इन कॉलेजों में पिछले 12 साल से स्थायी सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति नहीं हुई थीं । इन कॉलेजों में लगभग 1000 पदों पर स्थायी नियुक्ति की जानी है । बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पिछले तीन साल से स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है जिसमें 60 से अधिक कॉलेजों ने अपने यहाँ स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली है । अब इन कॉलेजों में ओबीसी कोटे की सेकेंड ट्रांच के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जारी है । अभी तक इन कॉलेजों व विभागों में 5400 पदों पर स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है । महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ने अपने यहाँ सहायक प्रोफेसर के पदों को भरने की पहल की है वहाँ पढ़ा रहे कॉलेज के एडहॉक व स्थायी शिक्षकों में खुशी का माहौल है । उन्होंने अन्य 11 कॉलेजो के भी जल्द ही विज्ञापन आने की संभावना जताई है ।
प्रो. हंसराज सुमन ने बताया है कि दिल्ली सरकार से पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों में लगभग 1000 से अधिक शिक्षकों की आवश्यकता है । इन कॉलेजों में जहाँ दिल्ली सरकार व प्रबंध समिति ( गवर्निंग बॉडी ) ने 1512 पदों को स्वीकृत किया है लेकिन यहाँ स्थायी शिक्षकों की संख्या — 528 है । सरकार के इन कॉलेजों में 984 पद खाली है । इसके अलावा पिछले दस वर्षों में शिक्षक सेवानिवृत्त व एडहॉक से स्थायी होकर दूसरे कॉलेजों / विश्वविद्यालयों में चले गए हैं । यहाँ सरकार के 12 कॉलेजों के आंकड़े प्रस्तुत किए जा रहे हैं —
कॉलेज शिक्षकों के स्वीकृत पद
1. आचार्य नरेंद्रदेव कॉलेज 125
2. अदिति महाविद्यालय 123
3. बी.आर. ए. कॉलेज 138
4. भाष्कराचार्य कॉलेज 141
5. भगिनी निवेदिता कॉलेज 165
6. डीडीयू कॉलेज 202
7. इंदिरा गांधी फिजि . कॉलेज 42
8. केशव महाविद्यालय 161
9. महाराजा अग्रसेन कॉलेज 181
10. महर्षि वाल्मीकि कॉलेज 30
11. राजगुरु कॉलेज 156
12. सुखदेव कॉलेज 44
कुल 1512
इसी तरह वर्तमान में इन कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की स्थिति इस प्रकार है —
कॉलेज स्थायी शिक्षकों की संख्या
1. आचार्य नरेंद्रदेव कॉलेज 67
2. अदिति महाविद्यालय 54
3. बी.आर.ए. कॉलेज 65
4. भाष्कराचार्य कॉलेज 42
5. भगिनी निवेदिता कॉलेज 33
6. डीडीयू कॉलेज 82
7. इंदिरा गांधी फिजि. कॉलेज 24
8. केशव महाविद्यालय 45
9. महाराजा अग्रसेन कॉलेज 58
10. महर्षि वाल्मीकि कॉलेज 10
11. राजगुरु कॉलेज 22
12. सुखदेव कॉलेज 26
कुल 528
उन्होंने यह भी बताया है कि इन कॉलेजों में हर महीने शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं , वर्तमान में 1000 से अधिक शिक्षकों के पद खाली है । उन्होंने बताया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में चार वर्षीय पाठयक्रम लागू हो चुका है । शैक्षिक सत्र -2025 –26 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत छात्र चौथे वर्ष में प्रवेश कर अध्ययन कर रहे हैं जिससे हर कॉलेज के विभागों में शिक्षकों की अतिरिक्त मांग बढ़ गई है । कॉलेजों में अभी तक स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के आधार पर की गई थी जबकि जुलाई 2025 से चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू हो चुका है , कॉलेज गेस्ट टीचर्स लगा रहे हैं । उन्होंने यह भी बताया है कि दिल्ली सरकार से पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों में सर्वाधिक लगभग 500 गेस्ट टीचर्स लगे हुए हैं ।
दिल्ली सरकार के कॉलेजों में अगस्त / सितम्बर से हो सकती है स्थायी नियुक्ति — मार्च में हुई डूटा की मीटिंग में फोरम के चेयरमैन प्रो .सुमन ने मांग रखी थी कि वे दिल्ली सरकार के पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों में भी जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कराएं । प्रो. सुमन ने बताया है कि इन कॉलेजों में पढ़ाने वाले एडहॉक शिक्षकों की नियुक्ति स्थायी रूप में दूसरे कॉलेजों व अन्य विश्वविद्यालयों में हो जाने के कारण यहाँ पर गेस्ट टीचर्स व एडहॉक टीचर्स के सहारे ये कॉलेज चल रहे हैं । यहाँ पर पिछले 12 साल से शिक्षकों व कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है । डूटा अध्यक्ष ने मीटिंग में फोरम के चेयरमैन को पूर्ण आश्वासन दिया था कि दिल्ली सरकार के बचे हुए कॉलेजों में भी स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाएगी । उन्होंने बताया है कि कॉलेजों में स्थायी नियुक्ति , पदोन्नति के साथ पेंशन व अन्य मुद्दों पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है , जहाँ लगभग 5400 स्थायी शिक्षक व 25 हजार यूनिट से अधिक पदोन्नति हुई है , विश्वविद्यालय / कॉलेजों में यह प्रक्रिया जारी है ,वहीं कॉलेजों में लेवल 10 से 11 पर पदोन्नति की प्रक्रिया तेजी से जारी है।






