चौथा अक्षर संवाददाता/नई दिल्ली
दिल्ली में अगर एक सांसद भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सुरक्षा के दावों पर कौन भरोसा करेगा? यह सिर्फ़ एक सांसद की सुरक्षा का सवाल नहीं, लोकतंत्र की गरिमा और कानून-व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक युवक ने अचानक हंगामा कर दिया। पप्पू यादव उस समय राम मंदिर चंदा गबन मामले पर दर्ज एफआईआर और मिल रही धमकियों को लेकर अपनी बात रख रहे थे। इसी बीच युवक ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और कथित तौर पर जूता फेंक दिया। पप्पू यादव ने खुद उसे पकड़ लिया। बाद में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और उसके पास से चाकू मिलने के दावे की भी जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक एक युवक सामने आ गया और विरोध जताने लगा। आरोप है कि उसने पप्पू यादव पर जूता भी फेंका। हंगामे के बीच पप्पू यादव ने खुद आगे बढ़कर युवक को पकड़ लिया और अपने सहयोगियों की मदद से उसे काबू कर लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी आरोपी को घेर लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और युवक को हिरासत में सौंप दिया गया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हंगामे से ठीक पहले पप्पू यादव राम मंदिर चढ़ावा गबन के मुद्दे पर किए गए अपने विरोध प्रदर्शन का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उस नाटक के बाद उन्हें लगातार गालियां दी जा रही हैं और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उनका आरोप था कि कुछ लोगों ने उन्हें जिंदा जलाने तक की धमकी दी है और उन्हें नुकसान पहुंचाने वाले के लिए इनाम घोषित करने जैसी बातें भी सामने आई हैं। उन्होंने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन को लेकर संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आए थे। इस प्रदर्शन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने भी हिस्सा लिया था। इस नाटक को लेकर भाजपा, हिंदू संगठनों और कई संतों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद वाराणसी में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों में एफआईआर भी दर्ज हुई।पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए युवक की पहचान बुलंदशहर निवासी सुमित के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसने संतों के कथित अपमान से नाराज होकर यह कदम उठाने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि जब पप्पू यादव के समर्थकों ने आरोपी को उनके हवाले किया, तब उसके साथ एक चाकू भी सौंपा गया। हालांकि, युवक वास्तव में चाकू लेकर आया था या नहीं और उसका इरादा क्या था, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है।
घटना के बाद कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि, शांतिपूर्ण ढंग से अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने में दिल्ली पुलिस बेहद सक्रिय नजर आती है, लेकिन एक मुखर विपक्षी सांसद को उसके अपने आवास पर सुरक्षा देने में नाकाम साबित हुई। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ी है और विपक्षी नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान 34 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है और गाजियाबाद में लोहे का सामान बनाने का काम करता है। उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस सूत्र ने बताया कि हैप्पी नामक एक अन्य व्यक्ति घटना के समय यादव के आवास के बाहर खड़ी एक एसयूवी कार में मौजूद था। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि दोनों व्यक्ति वाहन की मरम्मत के काम के लिए बुलंदशहर से दिल्ली साथ आए थे। सूत्रों ने बताया कि जांच अधिकारी उनके दावों की पुष्टि कर रहे हैं और घटना के पीछे की वजह की जांच कर रहे हैं। अभी तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भगवा कपड़े पहनकर संसद परिसर में मकर द्वार के सामने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नाटक किया था। यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में किया गया था। इस दौरान राहुल गांधी समेत विभिन्न सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले, जबकि यादव ने राम मंदिर में हुई चोरी को दिखाने के लिए कथित रूप से पैसे अपनी जेब में रख लिए। रविवार को भाजपा ने राहुल गांधी और यादव पर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया






