back to top

दिल्ली का जंतर-मंतर गांधी जंयती के दिन “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” जैसे आंदोलन के नारों से गूँज रहा है

Must Read

श्याम लाल शर्मा/ नई दिल्ली/छाया – आशीष कर/आर बी यादव 

कैसी विडम्बना है, आज गांधी जी की जयंती है. और  राजधानी दिल्ली का जंतर- मंतर वोट चोर गद्दी छोड़ के नारों से गूँज रहा है। राजधानी दिल्ली के 11 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा कर दी गयी है, सिर्फ इसलिए कि युवाओं और सिविल सोसायटी के एक हिस्से की तरफ से विवादास्पद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें हटाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण और अहिंसक ढंग से जंतर-मंतर पर धरना के आयोजन का ऐलान किया गया है. आयोजकों ने पांच दिन पहले ही दिल्ली पुलिस को इस आशय की जानकारी देते हुए धरना आदि की इजाजत भी मांगी थी लेकिन उनको आंदोलन की इजाजत नहीं दी गई लिहाजा बिना इजाजत लोग सड़कों पर उतर गए हैं।

कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी की लडाई के दौरान लोकतांत्रिक-विरोध के ‘प्रतीक’ बने गांधी जी की जयंती के दिन आज आजाद भारत के युवाओं और आम नागरिकों से सत्ता से अपनी असहमति या विरोध जाहिर करने का उनका लोकतांत्रिक अधिकार छीना जा रहा है. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी लगातार बनी हुई है । कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन जमीन पर गिराया, घसीटा और फिर बसों में भरकर वहां से ले गई।

जंतर-मंतर पर शुक्रवार सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इसके बावजूद छात्र संगठनों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज से जुड़े लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना उनका अधिकार है। वहीं, पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने की बात कहते हुए लोगों को वहां से हटाने की कार्रवाई की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें सामान्य तरीके से हिरासत में लेने के बजाय हाथ-पैर पकड़कर उठाया और सड़क पर घसीटते हुए बसों तक पहुंचाया। कई लोगों ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार का उल्लंघन बताया। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र अमित ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने आए थे। लेकिन पुलिस ने उनके साथ जबरदस्ती की। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जमीन पर गिराने के बाद घसीटकर बस में ठूंस दिया गया। प्रदर्शनकारियों की क्या हैं मांगें? प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने किया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें सीधी और स्पष्ट हैं। उनका आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था में सरकार और चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठाने वालों की आवाज दबाई जा रही है। इस विरोध के केंद्र में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एस आई आर ) भी है। विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारी संगठनों ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं।

दिल्ली पुलिस ने कहना है कि इस सप्ताह जंतर-मंतर पर किसी भी संगठन को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद संभावित भीड़ को देखते हुए नई दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। पुलिस को करीब 3,000 से 4,000 लोगों के जुटने की आशंका थी। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की गई थी। टॉल्स्टॉय मार्ग, जनपथ रोड, संसद मार्ग और अशोक रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए। जंतर-मंतर को टॉल्स्टॉय मार्ग और केरल भवन की ओर से बंद कर दिया गया था। इसके अलावा जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने की भी खबर सामने आई।

यात्रियों को परेशानी प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की सूचना दी। यह प्रतिबंध अगले आदेश तक लागू रहने की बात कही गई।

प्रभावित मेट्रो स्टेशन: मेट्रो स्टेशन स्थिति

जनपथ- प्रवेश-निकास बंद

पटेल- चौक प्रवेश-निकास बंद

केंद्रीय सचिवालय- प्रवेश-निकास बंद

राजीव चौक- प्रवेश-निकास बंद

सेवा तीर्थ- प्रवेश-निकास बंद

मंडी हाउस- प्रवेश-निकास बंद

लोक कल्याण मार्ग- प्रवेश-निकास बंद

आई एन ए- प्रवेश-निकास बंद

चावड़ी बाजार – प्रवेश-निकास बंद

रामकृष्ण आश्रम मार्ग- प्रवेश-निकास बंद

नई दिल्ली – प्रवेश-निकास बंद

जंतर-मंतर पहुंचने वाले यात्रियों को बाराखंबा रोड और शिवाजी स्टेडियम जैसे वैकल्पिक स्टेशनों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। हालांकि, यहां से आगे सड़क मार्ग या पैदल यात्रा करनी पड़ सकती है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मध्य दिल्ली के कई इलाकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, जीपीओ, टॉल्स्टॉय मार्ग, संसद मार्ग और अशोक रोड पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई। कनॉट प्लेस से पटेल चौक और पटेल चौक से जीपीओ की ओर जाने वाले वाहनों को डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने लोगों से जंतर–मंतर, संसद भवन और आसपास के इलाकों में गैर–जरूरी यात्रा से बचने की अपील की। वाहन चालकों को प्रभावित सड़कों पर पार्किंग नहीं करने की सलाह भी दी गई, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो। गांधी जयंती पर लोकतंत्र बचाओ मार्च का आह्वान 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर जंतर–मंतर पर यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब इंडिया ब्लॉक ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ‘ मार्च का ऐलान किया है। गठबंधन ने युवाओं, आम नागरिकों और लोकतंत्र के समर्थन में आवाज उठाने वाले लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। जंतर–मंतर पर हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका, SIR प्रक्रिया और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति जैसे सवालों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर लगाए गए बल प्रयोग के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई पर आधिकारिक पक्ष का इंतजार है।

- Advertisement -spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_imgspot_img
Latest News

गांधी जयंती के दिन अमित शाह की दिल्ली पुलिस का सबसे ज़्यादा अभद्र और अशोभनीय काम- योगेंद्र यादव, संजय सिंह और नेहा वोरा सहित...

श्याम लाल शर्मा/ नई दिल्ली/छाया -आशीष कर/आर बी यादव मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े को लेकर पूरे देश...
- Advertisement -spot_imgspot_img

More Articles Like This

- Advertisement -spot_imgspot_img