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सत्ताधारी सरकार में ‘संविधान पर हमला लगातार जारी है’-मल्लिकार्जुन खरगे

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चौथा अक्षर संवाददाता/ नई दिल्ली 

आज एक तरफ़ जहाँ  विपक्षी एकजुटता को लेकर इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (INDIA) के कम से कम 23 घटक दल राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एकजुटता को लेकर रणनीति बनाई जा रही थी, जिसमे ममता बनर्जी भी उसमें मौजूद थीं. वहीं दूसरी तरफ़ तृणमूल कांग्रेस  के 14 सांसद केंद्रीय मंत्री भूपिन्दर यादव से मिलने के लिए 9, मोतीलाल नेहरू मार्ग पहुंचे हुए थे. इसके अलावा कुछ और वजहों से इंडिया गठबंधन की यह बैठक सुर्खियों में आ गई.

विगत 2 वर्षों के बाद आज इंडिया गठबंधन की होने वाली यह अहम बैठक थी इस बैठक में अगले अगले वर्ष पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसके बाद 2029 के  लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनायी जानी थी जिसमे 23 दलों के मुखिया मौजूद थे. इस बैठक के शुरू होने से पहले भाजपा द्वारा इंडिया गठबंधन को तोड़ने की नियत से राजधानी में राहुल गांधी को बदनाम करने  के लिए ऐसे पोस्टर भी लगाए गए, जिनमें इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के नेताओं द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना को प्रमुखता से दिखाया गया था, जिससे बैठक का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया.

बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बढ़ती महंगाई आम लोगों को प्रभावित कर रही है. उन्होंने हाल में हुए परीक्षा पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ कथित भेदभाव का आरोप भी लगाया. कांग्रेस का कहना है कि अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बावजूद विपक्षी गठबंधन एकजुट है. इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ताधारी सरकार में संविधान पर हमला लगातार जारी है. बीजेपी सरकार पर ‘कुशासन’ का आरोप लगाते हुए उन्होंने जोर दिया कि I.N.D.I.A. ब्लॉक की सभी राजनीतिक पार्टियों को इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहिए. यह बैठक विपक्ष की एकजुटता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि गठबंधन में शामिल पार्टियां मौजूदा सरकार के खिलाफ आपसी सहयोग को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ताधारी सरकार में ‘संविधान पर हमला लगातार जारी है’. बीजेपी सरकार पर ‘कुशासन’ का आरोप लगाते हुए उन्होंने जोर दिया कि I.N.D.I.A. ब्लॉक की सभी राजनीतिक पार्टियों को इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ना चाहिए. यहां कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में I.N.D.I.A. ब्लॉक की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए खड़गे ने अपनी शुरुआती टिप्पणी में कहा, ‘हमने 17 अप्रैल को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता का बहुत निर्णायक रूप से प्रदर्शन किया, जब हम सभी ने मजबूती से एकजुट होकर डिलिमिटेशन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को हराया. अब हमें मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने आने वाली कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति चुनौतियों का सामना करने के लिए इस भावना को मजबूत और आगे बढ़ाना होगा.’ अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का जिक्र करते हुए कांग्रेस चीफ ने आरोप लगाया कि लाखों नागरिकों को उनके वोटिंग अधिकार से वंचित किया गया है. कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि समाज के कमजोर तबकों के खिलाफ, खासकर बीजेपी शासित राज्यों में ज़ुल्म बिना रुके जारी है. बीजेपी सरकार के तहत देश की विदेश नीति का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा, ‘हमारी विदेश नीति से पूरी तरह से समझौता किया जा रहा है. इस  बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और उमर अब्दुल्ला समेत कई बड़े नेता शामिल हुए हैं.बैठक से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा, “एक साझा उद्देश्य और स्पष्ट इरादे के साथ बैठक हो रही है. इंडिया गठबंधन एकजुट है. कई दल आपसी सहयोग और सौहार्द की भावना के साथ इस बैठक का इंतजार कर रहे हैं.”

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) बैठक में शामिल नहीं हो रही है क्योंकि कांग्रेस तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सत्ता व्यवस्था का हिस्सा बन गई है. वहीं आम आदमी पार्टी (आप) ने डीएमके के साथ हुए कथित “विश्वासघात” और कांग्रेस के “युवा-विरोधी” रवैये का हवाला देते हुए बैठक से दूरी बना ली है. गठबंधन के एक अन्य सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) भी झारखंड से राज्यसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस से नाराज़ है. वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआई(एम)) ने हालिया केरल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के व्यवहार को लेकर नाराज़गी जताते हुए उसे पत्र भेजा है. सीपीआई(एम) की ओर से राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास बैठक में शामिल होंगे और इस मुद्दे को उठा सकते हैं.

जिस समय इंडिया गठबंधन की बैठक चल रही थी उसी समय तृणमूल कांग्रेस पार्टी के 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, काकोली दस्तीदार ने कहा कि उनके समेत 20 सांसदों ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है.

टीएमसी में जारी टूट के बीच दलबदल कानून भी चर्चा में है. यदि बागी सांसदों की संख्या दोतिहाई तक पहुंचती है, तो उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होगा. संविधान की दसवीं अनुसूची के मुताबिक, लोकसभा में कम से कम 19 सांसदों का पार्टी छोड़ना जरूरी होगा. इससे पहले, सुखेंदु रॉय ने राज्यसभा से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में लिप्त रही है. गौरतलब है कि टीएमसी के 13 राज्यसभा सांसदों में से केवल चार ही ममता बनर्जी के साथ बताए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में भी स्थिति लोकसभा जैसी ही है, जहां 13 में से 9 सांसद बागी रुख अपनाए हुए हैं. ममता बनर्जी का समर्थन करने वाले नेताओं में डेरेक ओब्रायन, डोला सेन, सागरिका घोष और मेनका गुरुस्वामी शामिल हैं.

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