चौथा अक्षर संवाददाता /प्रयागराज
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने छात्रों से कहा मैं आजप्रयागराज आ रहा हूं – देश के उस शहर में जहां सबसे ज़्यादा नौजवान तैयारी करते हैं एक बात साफ़ है यहां का हर छात्र जानता है कि सिस्टम बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं – कमी उस सिस्टम की नीयत में है जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती।यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं – फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए – सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, सालों क। “जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे – जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
आज 8 अगस्त शाम 5 बजे केपी मैदान – प्रयागराज में मिलते हैं। साथ आइए… बदलाव लाइए।
कार्यक्रमकेप्रभारीराजेंदरपालगौतमनेकहाराहुल गांधी जी ने जिस तरह से आम लोगों, युवाओं और छात्रों के हक के लिए आवाज उठाई है, उससे भाजपा सरकार बुरी तरह घबरा गई है।इसका सबसे बड़ा सबूत यही है कि जहां हमारा कार्यक्रम होना था, वहां की अनुमति तक रद्द कर दी गई थी।
आज शाम 5 बजे केपी मैदान, प्रयागराज में “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम आयोजित होगा। आप बड़ी संख्या में पहुंचकर इस कार्यक्रम का समर्थन करें।देश में बाबा साहेब अंबेडकर जी के बनाए संविधान को खत्म करने की साजिश रची जा रही है, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। कोटा और देहरादून में भी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में अड़चनें डाली गई थीं, कार्यक्रम रद्द कराने के लिए साजिश रची गई, लेकिन कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुआ। प्रयागराज में भी भाजपा सरकार के इशारे पर बाधा डालने की कोशिश हुई, लेकिन वह हमें रोक नहीं सके, क्योंकि हम संविधान के तहत काम करते हैं।
आज 5 बजे कार्यक्रम की शुरुआत होगी, नेता विपक्ष राहुल गांधी जी छात्रों से संवाद करेंगे। मोदी सरकार ने शिक्षा को इतना महंगा कर दिया है कि सामान्य वर्ग के 90% छात्र भी आज के हायर एजुकेशन का खर्च नहीं उठा सकते।बच्चे कड़ी मेहनत से पढ़ाई करते हैं, परीक्षा देते हैं। उनके माता-पिता किसी तरह पढ़ाई का खर्च उठाते हैं, लेकिन पेपर लीक हो जाता है। ऐसे में छात्रों के मन में बहुत पीड़ा है। नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी छात्रों की इसी तकलीफ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। भाजपा जब पहली बार सत्ता में आई, तो डिसइन्वेस्टमेंट मंत्रालय बनाया गया, जिसके बाद सरकारी कंपनियों के निजीकरण की शुरुआत हुई।इसके बाद एक-एक कर कई सरकारी कंपनियों (PSUs) को बेचा जाने लगा। साथ ही कई सरकारी नौकरियों में आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी व्यवस्था लागू की गई।
आजादी की लड़ाई लड़ने और संविधान बनाने वालों ने देश का निर्माण किया, इसलिए उन्हें देश की सरकारी संपत्तियों और संस्थाओं के निजीकरण पर दर्द होता है।यही फर्क है- एक देश बनाने वाले हैं और दूसरे देश की संपत्तियां बेचने वाले हैं।
8 अगस्त को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत हुई थी और 8 अगस्त को ही प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम हो रहा है। आजादी के बाद भारत बेहत गरीबी से गुजर रहा था, तब भी लोग अपनी मेहनत के बल पर डॉक्टर, इंजीनियर, साइंटिस्ट बन जाते थे।क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने IIT, AIIMS, IIM और सैंकड़ों PSUs बनाए, गांव-गांव में स्कूल खोले, लेकिन भाजपा सबकुछ बेचने का काम कर रही है।






