कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) से जुड़े लाखों पेंशनधारकों ने न्यूनतम मासिक पेंशन को 7,500 रुपये किए जाने की मांग को लेकर अपनी आवाज तेज कर दी है। इसी मांग के समर्थन में 5 अगस्त को देशभर के पेंशनधारकों ने आंदोलन का आह्वान किया है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पेंशनभोगियों के एकत्र होने की संभावना है, जहां वे सरकार के समक्ष अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को दोहराएंगे।
वर्तमान में EPS-95 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपये निर्धारित है, जो 1 सितंबर 2014 से लागू है। पेंशनधारकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई, स्वास्थ्य संबंधी खर्च और दैनिक जरूरतों को देखते हुए इतनी कम राशि में सम्मानजनक जीवनयापन संभव नहीं है। उनका मानना है कि वर्षों तक नौकरी करने और EPF में योगदान देने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही है।
पेंशन बढ़ाने की मांग के पीछे क्या है वजह?
पेंशनभोगियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में आवश्यक वस्तुओं, दवाइयों और चिकित्सा सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि न्यूनतम पेंशन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। उनका तर्क है कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में कम से कम 7,500 रुपये मासिक पेंशन और महंगाई भत्ते (DA) जैसी सुविधा दी जानी चाहिए, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक राहत मिल सके।
आंदोलन में शामिल विभिन्न पेंशनधारक संगठनों का कहना है कि वे लंबे समय से सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष अपनी मांगें रख रहे हैं। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। इसी कारण 5 अगस्त को देशभर से पेंशनधारक दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो इससे लाखों EPS-95 पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये करने संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में पेंशनभोगियों की नजर सरकार की आगामी प्रतिक्रिया और संभावित फैसलों पर टिकी हुई है।
पेंशनधारकों का कहना है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। आने वाले दिनों में सरकार और पेंशनभोगी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत इस मुद्दे की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल 5 अगस्त का देशव्यापी प्रदर्शन EPS-95 पेंशनधारकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना सकता है।






