जबलपुर,यह तस्वीर बताती है कि उम्र नहीं, हौसला मायने रखता है। “81 साल की उम्र… 22 किलोमीटर रोज़… और हौसला आज भी जवान!” जिस उम्र में लोग आराम की बात करते हैं, उस उम्र में जबलपुर की शांति बाई यादव रोज़ 22 किलोमीटर साइकिल चलाती हैं। न कोई शिकायत… न कोई बहाना…बस मेहनत और आत्मसम्मान के सहारे जीवन का सफर तय कर रही हैं। गढ़ा की गलियों से निकलकर शहर के कई घरों में काम करने पहुंचने वाली शांति बाई के लिए साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनके जीवन की ताकत है।विश्व साइकिल दिवस पर करोड़ों संदेश लिखे जाएंगे, लेकिन शांति बाई की यह तस्वीर उन सभी संदेशों से कहीं बड़ी है।
छाया – उमा शंकर मिश्र






